नयी दिल्ली। कोरोना संकट के चलते बड़ी संख्या में लोग घरों से काम कर रहे हैं। घर से काम करते हुए कई महीने बीच चुके हैं। अभी कब तक ऐसा चलेगा इस बारे में भी कुछ नहीं कहा जा सकता। पर क्या आप जानते हैं कि वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम करना आपकी टैक्स देनदारी बढ़ा सकता है। आइए जानते हैं कैसे। इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि आप पिछले कुछ महीनों से सामान्य से अधिक बचत कर रहे हैं। इससे बहुत कुछ पता चलता है। घर से काम करते समय कर्मचारी अधिक बचत करने में सक्षम हैं क्योंकि इसमें ट्रेवल या खाने पर ज्यादा खर्च नहीं होता। मगर इसी से आपकी जेब पर असर पड़ सकता है क्योंकि ज्यादा बचत ज्यादा टैक्स की देनदारी ला सकती है।
इन चीजों पर लग सकता है टैक्स
यदि आपको नहीं पता तो बता दें कि आपकी कंपनी द्वारा भुगतान किए जाने वाले वेतन में कई चीजें शामिल होती हैं। इनमें कनवेंस अलाउंस, हाउस रेंट अलाउंस और लीव ट्रैवल अलाउंस (एलटीए) शामिल हैं। अगर आप घर पर रह रहे हैं और बिल्कुल यात्रा नहीं कर रहे हैं तो इन सभी पर टैक्स लगने की संभावना है। कर्मचारी रोज ऑफिस नहीं जा रहे हैं इसलिए कनवेंस अलाउंस टैक्स फ्री नहीं रह सकता। जब कनवेंस अलाउंस प्रतिपूर्ति (Reimbursement) के रूप में दिया जाए तो यह टैक्स फ्री तब ही होगा आप वास्तव में खर्च उठाएं और उसके प्रूफ पेश करें। रोजाना ट्रेवल न होने की स्थिति में इस भत्ते पर टैक्स लग सकता है।
घर के किराये पर मिलने वाले भत्ते पर टैक्स
पिछले 5 महीनों में ट्रांसपोर्ट के ज्यादातर मॉड बंद हैं। इसलिए आपने पिछले पांच महीनों में सफर भी नही किया होगा, जिसका मतलब है कि आप चालू वित्तीय वर्ष के लिए एलटीए का क्लेम करने के पात्र नहीं होंगे। एलटी पर भी टैक्स सकता है। यहां बताई जाने वाली बात यह है कि चार साल के ब्लॉक में दो बार एलटीए का क्लेम किया जा सकता है। आखिर में अगर आप किराए के मकान में रह रहे थे और कोरोना संकट में अपने गृह राज्य में वापस जाकर वहां घर से काम करने लगे हैं तो आप एचआरए (हाउस रेंट अलाउंट) पर बचत नहीं कर पाएंगे। आप किराए की रिसीट पेश नहीं कर सकेंगे, जिससे आपको इस पर टैक्स की बचत नहीं होगी।
इस पैसे पर भी टैक्स
कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को वर्क होम अलाउंट, बिजली, लैपटॉप खरीदने और घर में ऑफिस बनाने के लिए फर्नीचर खरीदने जैसे खर्चों को पूरा करने के लिए एक निश्चित राशि दे रही हैं, जिसके लिए आपको बिल पेश करने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे मामले में ये राशि कर्मचारियों के हाथों में कर योग्य होगी।


Click it and Unblock the Notifications