Wipro Share: वीप्रो (Wipro) का शेयर 52-week low पर पहुंचना भारतीय IT सेक्टर की मौजूदा कमजोरी को और उजागर करता है। शुरुआती कारोबार में Infosys, TCS और Wipro समेत कई IT कंपनियों के शेयर करीब 5% तक गिर गए, जिससे Nifty IT Index भी करीब 5% टूट गया। यह गिरावट मुख्यतः वैश्विक टेक शेयरों में बिकवाली, अमेरिका के मजबूत jobs data से बढ़ी ब्याज दरों की आशंका और US-listed ADRs में गिरावट के कारण आई। साथ ही AI के बढ़ते प्रभाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे निवेशक मुनाफावसूली की ओर देख रहे हैं।

फिलहाल अगर वीप्रो की बात करें तो Wipro साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है, ऐसे में सवाल है क्या Wipro से बाहर निकल जाना चाहिए या गिरावट में खरीदारी करनी चाहिए, तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि गिरावट क्यों आई है और इसकी वजह क्या है? तो इस गिरावट के पीछे कई वजहें हैं। पहली वजह IT सेक्टर में AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इसके साथ ही अमेरिका में JPMorgan, बैंक ऑफ अमेरिका (Bank of America) जैसी कंपनियां और सॉफ्टवेयर वाली कंपनियां भी 2 से 4 प्रतिशत गिर रही हैं जिससे लोग डर रहे हैं कि AI पुराने IT मॉडल को बिगाड़ सकता है।
ADR में गिरावट से बिगड़ा मूड-
बता दें कि इस गिरावट का सीधा कारण Wall Street से आया। अमेरिका के IT शेयरों में रात को नुकसान ने एशियाई बाजारों में नकारात्मक माहौल बना दिया। घरेलू IT कंपनियों की आय का बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है, इसलिए अमेरिकी टेक शेयरों में तेज गिरावट का असर जल्दी ही भारतीय बाजारों पर दिखने लगता है और इसी वजह से ADR गिरने के बाद से भारतीय IT कंपनियों में गिरावट आने लगती है और ऐसा ही वीप्रो के साथ बी हुआ।
कंपनी की वित्तीय हालत कैसी-
दिसंबर 2025 तिमाही में Wipro के लिए मिली-जुली रही। चालू वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹3,119 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट हासिल हुआ जो तिमाही आधार पर 4% और सालाना आधार पर 7% कम रहा। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू बढ़ा है। कारोबारी नतीजे के साथ कंपनी ने ₹2 की फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर ₹6 के अंतरिम डिविडेंड भी दिया है जिसकी रिकॉर्ड डेट 27 जनवरी 2026 फिक्स की गई थी।
एक साल में शेयरों की चाल-
विप्रो (Wipro) के शेयर पिछले साल 12 फरवरी 2025 को ₹310 रुपये के करीब था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई के करीब था। शेयर के 52 वीक हाई की बात करें तो 316.50 प्रति शेयर 52 वीक हाई है। इस हाई से यह तीन ही महीने में करीब 31% फिसलकर खबर लिखे जाने तक अब ₹219.67/Sh पर आ गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।
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