आईटी कंपनी विप्रो ने वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही यानी जनवरी-मार्च तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं।
नई दिल्ली, अप्रैल 15। आईटी कंपनी विप्रो ने वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही यानी जनवरी-मार्च तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। चौथी तिमाही में कंपनी के आईटी सर्विसेज कारोबार में जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस अवधि में कंपनी के आईटी कारोबार की आय 16,334 करोड़ रुपये रही है। जो कि अनुमान से कहीं ज्यादा रही है।

विप्रो का मुनाफा 2974 करोड़ रुपये रहा
चौथी तिमाही में तिमाही दर तिमाही आधार पर देखें तो कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा 0.1 फीसदी की बढ़त के साथ 2,972.3 करोड़ रुपये रहा है। इसी तरह चौथी तिमाही में CC रेवेन्यू ग्रोथ 3 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। जबकि डॉलर में होने वाली कमाई में 3.9 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।
लगातार तीसरी तिमाही में मजबूत नतीजे
इस मौके पर कंपनी के नतीजों पर बोलते हुए इसके सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर थियरी डेलपोर्टे ने कहा कि हमने लगातार तीसरी तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। इस अवधि में कंपनी को काफी बड़े डील मिले हैं और ऑपरेटिंग मार्जिन में भी सुधार होता दिखा है। चौथी तिमाही में ही हमने सीएपीसीओ का अधिग्रहण कियाा है जो कंपनी द्वारा किया गया अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण है। इस अधिग्रहण से ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में कंपनी की पैठ और बढ़ेगी।
विप्रो के शेयरों में बढ़त देखने को मिल सकती
ऑपरेटिंग फ्रंट पर नजर डालें तो मार्च तिमाही में कंपनी की ईबीआईटी 3417 करोड़ रुपये रही है। वहीं, ईबीआईटी मार्जिन 20.92 फीसदी पर रही। जबकि एक पोल में अनुमान लगाया गया था कि चौथी तिमाही में कंपनी का ईबीआईटी 3210 करोड़ रुपये और ईबीआईटी मार्जिन 20.36 फीसदी रहेगा। चौथी तिमाही में कंपनी के मार्जिन में वेतन में की गई बढ़ोतरी की वजह से दबाव देखने को मिला है। गौरतलब है कि साल 2021 में विप्रो के शेयरों में 8.5 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। जबकि निफ्टी आईटी इंडेक्स में 6.6 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।


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