Windfall Profit Tax on Diesel, ATF Export : सरकार ने शनिवार को डीजल के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर (विंडफॉल प्रोफिट टैक्स) को बढ़ा दिया। साथ ही एयरलाइन टर्बाइन ईंधन (एटीएफ) पर भी अप्रत्याशित लाभ कर को बढ़ा दिया गया है। डीजल के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर को 12 रुपये प्रति लीटर और एयरलाइन टर्बाइन ईंधन (एटीएफ) पर अप्रत्याशित लाभ कर को शून्य से बढ़ाकर 3.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया। सरकार ने वैश्विक कीमतों के लिहाज से घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर भी टैक्स 3,000 रुपये प्रति टन बढ़ाकर 11,000 रुपये कर दिया।

डीजल के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर
सातवें पखवाड़े की समीक्षा में, सरकार ने डीजल के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर को 6.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 12 रुपये प्रति लीटर कर दिया, और एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) के निर्यात पर 3.50 रुपये प्रति लीटर की दर फिर से लगाई। नई टैक्स रेट 16 अक्टूबर से लागू होगी।
लगातार दो पखवाड़े तक कम की थी दरें
वित्त मंत्रालय ने वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को देखते हुए लगातार दो पखवाड़े तक टैक्स रेट को कम करने के बाद कच्चे तेल, डीजल और एटीएफ पर निर्यात टैक्स में बढ़ोतरी की है। निजी रिफाइनर रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और रोसनेफ्ट स्थित नायरा एनर्जी डीजल और एटीएफ जैसे ईंधन के प्रमुख निर्यातक हैं। यानी इन पर प्रभाव पड़ेगा। वहीं ओएनजीसी और वेदांत घरेलू क्रूड उत्पादक हैं, उन पर कच्चे तेल पर टैक्स लगाने का असर पड़ेगा।
कब लगा था पहली बार टैक्स
उच्च वैश्विक कच्चे तेल और उत्पाद की कीमतों के कारण घरेलू कच्चे उत्पादकों और रिफाइनर द्वारा कमाए गए अप्रत्याशित लाभ को देखते हुए भारत सरकार ने पहली बार 1 जुलाई को अप्रत्याशित लाभ कर लगाया था। उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कमी की गयी थी। इसी की भरपाई करने के लिए टैक्स लगाए गए। लेकिन विंडफॉल सेस में शुरुआती स्तर से कटौती से सरकार को होने वाली आमदनी में कमी आने की उम्मीद है।


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