MuraliKrishnan B Resign: स्मॉर्टफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बनाने वाली कंपनी शाओमी को लेकर अपडेट है. मुरलीकृष्णन बी ने आधिकारिक तौर पर शाओमी इंडिया के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. कंपनी भारतीय स्मार्टफोन सेक्टर में अपनी टॉप पोजिशन फिर से हासिल करने पर फोकस कर रही है.
मुरलीकृष्णन का इस्तीफा ऐसे समय में हुआ है जब दो महीने पहले ही सुधीन माथुर ने मुख्य परिचालन अधिकारी का पद संभाला है. माथुर इससे पहले मोटोरोला और लेनोवो में पूर्व प्रबंध निदेशक के रूप में काम कर चुके हैं. सुधीन माथुर की प्राथमिक जिम्मेदारियों में कंपनी की रणनीतिक दिशा को आकार देना, विकास को बढ़ावा देना और बाजार में कंपनी की मौजूदा गति को बनाए रखना शामिल है.
टॉप मैनेजमेंट को लेकर ये बदलाव
एल्विन त्से जो 2022 से चीन से भारत के ऑपरेशंस को मैनेज कर रहे. मनी कंट्रोल एक सूत्र के मुताबिक एल्विन भारत के प्रमुख बने रहेंगे. साथ ही सुधीन माथुर अब कंपनी का नया चेहरा होंगे. मुरलीकृष्णन ने इस्तीफा से पहले श्याओमी इंडिया में प्रभावशाली कार्यकाल बिताया था. शुरुआत में 2018 में श्याओमी इंडिया के तत्कालीन प्रमुख मनु कुमार जैन के अधीन मुख्य परिचालन अधिकारी के रूप में टीम में शामिल हुए थे.

उनके शुरुआती प्रयास कंपनी की ऑफ़लाइन खुदरा उपस्थिति को व्यापक बनाने पर केंद्रित थे. इसके बाद वे शाओमी के लिए संचालन, सेवाओं, सार्वजनिक मामलों और रणनीतिक परियोजनाओं की देखरेख करते हुए व्यापक जिम्मेदारियों वाली भूमिका में आ गए. उनका इस्तीफा ऐसे समय में हुआ है जब श्याओमी खुद को सुर्खियों में पाता है, विदेशी मुद्रा उल्लंघन के आरोपों पर सरकारी निकायों की गहन जांच का सामना करता है, ऐसे आरोप जिन्हें कंपनी ने सख्ती से नकार दिया है.
Q4 में गंवाया टॉप पोजिशन
मुरलीकृष्णन के जाने की पृष्ठभूमि में भारतीय बाजार में अपनी प्रमुख स्थिति बनाए रखने के लिए Xiaomi का संघर्ष शामिल है. लगातार 20 तिमाहियों तक बाजार का नेतृत्व करने वाली कंपनी ने सैमसंग और ओप्पो, वीवो और रियलमी जैसे अन्य चीनी ब्रांडों से कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच 2022 की चौथी तिमाही में अपना शीर्ष स्थान खो दिया, जो सभी BBK समूह का हिस्सा हैं.
नहीं खत्म हो रही चुनौतियां
काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक चुनौतियों के बावजूद, Xiaomi ने जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान शिपमेंट यूनिट्स के लिहाज से दूसरा स्थान हासिल करने में कामयाबी हासिल की. सालाना आदार पर शिपमेंट में 3 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई. हालांकि, Xiaomi की चुनौतियां कम नहीं हो रही, जोकि बाजार की प्रतिस्पर्धा और विनियामक जांच तक सीमित नहीं हैं.


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