US Fed Meet Impact on Indian Market: US फेडरल रिजर्व की ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की मीटिंग 9 दिसंबर को शुरू होने वाली है। इन्वेस्टर उन सभी डेवलपमेंट पर करीब से नजर रख रहे हैं जिनसे रेट में संभावित कटौती का संकेत मिल सकता है। अभी, मार्केट पार्टिसिपेंट्स को रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की उम्मीद है।

यह उम्मीद पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर प्राइस इंडेक्स जैसे जरूरी US मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा के रिलीज होने के बीच है। खास तौर पर, पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर प्राइस इंडेक्स ने सितंबर में 0.3% की बढ़ोतरी दिखाई थी और 30 सितंबर को खत्म हुए 12 महीने के समय में यह 2.8% बढ़ा था।
US फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की लीडरशिप वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिलता है। US दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी है और इसके सेंट्रल बैंक के किसी भी बेंचमार्क रेट मूवमेंट का ग्लोबल असर होता है।
तो US फेड के रेट कट का भारतीय शेयर बाजारों पर क्या असर होगा? बता दें कि भारतीय शेयर बाजार पिछले दो दिनों से रेड जोन में कारोबार कर रहे है।
US फेड मीटिंग कब है? (US Fed Meet)
9 दिसंबर से शुरू होने वाली फेड की दो दिन की मीटिंग 10 दिसंबर तक चलेगी।
US फेड के रेट कट का भारतीय स्टॉक मार्केट पर क्या असर पड़ेगा?
US फेड रेट में कटौती की उम्मीदों के बीच निवेशकों ने सतर्कता रुख अपनाई है। भारतीय शेयर बाजार में आज भी गिरावट का सिलसिला जारी है।
एनालिस्ट का कहना है कि 25 bps की कटौती से US और भारतीय एसेट्स के बीच यील्ड का अंतर बढ़ाकर भारतीय इक्विटी को थोड़ा बढ़ावा मिल सकता है। 9-10 दिसंबर को होने वाली US फेडरल रिजर्व की मीटिंग से पहले इन्वेस्टर्स ने सावधानी भरा रवैया अपनाया।
एक्सपर्ट्स ने कहना कि भारत के घरेलू फंडामेंटल्स मजबूत बने हुए हैं और RBI के हालिया रेट कट से और सपोर्ट मिला है। हालांकि, इन्वेस्टर्स साल के आखिर में होने वाली रैली में पूरी तरह से हिस्सा लेने से पहले टैरिफ से जुड़े मामलों पर डेवलपमेंट का इंतजार कर रहे हैं।
बैंकिंग और मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा ने ANI को बताया कि भारतीय बाजारों के लिए, RBI ने रेट कट किया, जिससे रियल एस्टेट प्लेयर्स को छोड़कर इंटरेस्ट रेट सेंसिटिव शेयरों में तेजी आई। फेड रेट कट का स्वागत किया जाएगा क्योंकि इससे आखिरकार US डॉलर कमजोर होगा और EM इनफ्लो मजबूत होगा। US ट्रेड डेलीगेशन के दौरे से टैरिफ के मामले में कुछ राहत की उम्मीद बढ़ रही है। हमें उम्मीद है कि भारतीय बाजार अच्छा करेंगे, और US टैरिफ के मामले में कोई भी राहत साल के आखिर में तेजी ला सकती है।
बग्गा ने आगे कहा कि फिलहाल ग्लोबल मार्केट में फेड का रेट कट ही मेन थीम रहेगा। फेड से रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की उम्मीद है, लेकिन FOMC के 12 वोटिंग मेंबर्स में से एक बड़ी संख्या के इससे सहमत नहीं होने की उम्मीद है, जिससे यह कटौती हॉकिश टोन वाली होगी।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च के SVP अजीत मिश्रा ने कहा कि आने वाली फेड मीटिंग से पहले बढ़ती सावधानी के कारण सेंटीमेंट कमजोर हुआ, निवेशक सख्त ग्लोबल मॉनेटरी रुख और उभरते बाजारों पर इसके असर की संभावना को लेकर चिंतित थे। रुपये में लगातार कमजोरी और FII के लगातार आउटफ्लो ने महंगाई और इंपोर्ट-कॉस्ट के दबाव को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया, जिससे मंदी का माहौल और खराब हो गया।
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