Gold Loan Startups:गोल्ड लोन लेने से पहले ठहरें! जानें क्यों RBI ने गोल्ड लोन स्टार्टअप्स को लेकर जताई चिंता

RBI is Worried About Gold Loan Startups: आरबीआई ने बैंको को फिनटेक स्टार्टअप के जरिए हो रहे गोल्ड लोन वितरण को लेकर अपनी चिंता जताई है। हमारे देश में आए दिन गोल्ड लोन से जुड़े हुए कई सारे फर्जीवाड़े के मामले आते रहते हैं।

इसे लेकर भारतीय रिजर्व बैंक ने लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है। रुपीक, इंडिया गोल्ड और ओरो मनी आदि कई कंपनियां एनबीएफसी के लिए गोल्ड लोन देती हैं।

Gold Loan Startups

आपको बता दें कि गोल्ड लोन देने वालें गोल्ड लोन स्टार्टअप्स के लिए RBI ने चेतावनी दी है। यह चेतावनी आईआईएफएल फाइनेंस के गोल्ड लोन व्यवसाय पर नियामकीय कार्रवाई के बाद आई है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गोल्ड लोन स्टार्टअप्स से आप अपने सोने के मूल्यांकित मूल्य का एक महत्वपूर्ण अनुपात उधार ले सकते हैं और फिर बाजार दरें ज्यादा होने पर आप ज्यादा राशि हासिल कर सकते हैं।

गोल्ड की वैल्यूएशन सही से नहीं होती है

आरबीआई के अनुसार, फिनटेक स्टार्टअप या ऑनलाइन कंपनियां जिस तरह से गोल्ड लोन बांट रही हैं उसमें गोल्ड का वैल्यूएशन ठीक से नहीं हो रहा है और इसमें भी फील्ड एजेंट घरों पर जाकर जो गोल्ड कलेक्शन करते हैं, वहां पर ग्राहक के गोल्ड की वैल्यूएशन सही से नहीं होती है।

जानिए क्या है आरबीआई की चिंता का कारण

आरबीआई के अनुसार, गोल्ड की वैल्यूएशन सही नहीं होने से लोगों को अपने गोल्ड के बदले कम अमाउंट का लोन मिलता है। इन कंपनियों की वजह से लोन-टू-वैल्यू रेश्यो में भी गड़बड़ी आ रही है। ऐसे में अगर ग्राहक लोन न चुका पाएं तो कंपनी उस सोने की निलामी का फायदा उठा लेती है।

ऐसे में यह लोन लोगों को बाकी अन्य लोन से महंगा पड़ता है, क्योंकि असल में वैल्यू के बराबर पैसा नहीं मिलता जो कहीं ना कहीं लोगों की पूंजी का नुकसान होता है लेकिन ब्याज भी उन्हें देना ही पड़ता है।

आरबीआई की गाइडलाइंस के मुताबिक ग्राहकों को उनकी गोल्ड की टोटल वैल्यू के 75 प्रतिशत के बराबर तक का लोन मिल जाता है।

कुछ मामलों में, फिनटेक कंपनियां ग्राहक की क्रेडिट मांगों को पूरा करने के लिए गोल्ड लोन के अलावा व्यक्तिगत ऋण भी प्रदान करती हैं जो कि केंद्रीय बैंक के लिए एक खतरे का संकेत हो सकता है।

आपको बता दें कि आरबीआई ने फिनटेक और स्टार्टअप्स के इस तरह गोल्ड लोन देने को लेकर बैंकों को सतर्क रहने को कहा है क्योंकि बैंक और ये गोल्ड लोन स्टार्टअप्स मिलकर काम करती हैं।

आरबीआई इस पूरे सेगमेंट पर निगरानी बनाए हुए है और इतना ही नहीं कुछ बैंकों की ओर से कुछ समय के लिए गोल्ड लोन बांटने पर रोक लगाने की भी संभावना भी जताई जा रही है।

आपको बता दें कि मार्च के महीने में आरबीआई ने आईआईएफएल फाइनेंस की वित्तीय स्थिति का आकलन किया था।

इसके बाद कंपनी के 31 मार्च 2023 तक के फाइनेंशियल स्टेटस के हिसाब से उसके गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में निगरानी के लेवल पर कुछ चिंताएं देखी गईं थी।

आरबीआई ने आईआईएफएल फाइनेंस के मामले के बाद गोल्ड लोन बिजनेस का रिव्यू किया था और इसी घटना के बाद उसने बैंकों को इस बारे में सतर्क रहने के दिशानिर्देश दिए हैं।

आरबीआई के अनुसार, रेग्युलेटरी उल्लंघन के अलावा इन गतिविधियों से ग्राहकों पर नाकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। आरबीआई के मुताबिक गोल्ड की वैल्यूएशन सही से होने पर ग्राहकों का नुकसान नहीं होगा और वह कर्ज के जाल में फंसने से बच जाएंगे।

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