नयी दिल्ली। एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी, जिनकी कुल संपत्ति करीब 40 अरब डॉलर है, की रिलायंस इंडस्ट्रीज 25000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी यह रकम लॉन्ग टर्म डेब्ट यानी लोन के जरिये जुटाएगी। रिलायंस की योजना ऐसे समय सामने आई है जब कंपनी पहले से ही अपना लोन जीरो तक घटाने का ऐलान कर चुकी है। तेल, रिटेल और टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी रिलायंस के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 25000 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी भी दे दी है। रिलायंस समय-समय पर नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर प्राइवेट प्लेसमेंट आधार पर जारी करके जुटायेगी। हालांकि एक ऐसे समय जब कारोबार सुस्त पड़े हैं रिलायंस ने इतनी बड़ी रकम जुटाने का मकसद नहीं बताया है। कोरोनावायरस के कारण पूरी अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती आ गई है, जिससे सभी कंपनियां भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में रिलायंस भी इससे बची नहीं है।
क्या होते हैं नॉन कंवर्टिबल डिबेंचर
नॉन कंवर्टिबल डिबेंचर या गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) एक वित्तीय साधन हैं जिसका उपयोग कंपनियों दीर्घकालिक पूंजी (Long Term Capital) जुटाने के लिए करती हैं। यह एक पब्लिक इश्यू के माध्यम से किया जाता है। एनसीडी एक निश्चित अवधि के साथ एक डेब्ट इंस्ट्रूमेंट है और इनमें निवेश करने वाले लोगों को एक निश्चित दर पर नियमित ब्याज मिलता है। यानी ये एक निवेश का भी माध्यम है। यानी कंपनियां लोगों से लोन लेती हैं और उन्हें डिबेंचर देती हैं। फिर निश्चित समय तक डिबेंचर का ब्याज देती हैं और तय समय बाद डिबेंचर रिडीम (एक तरह की समाप्ति) करके उन्हें मूलधन भी दे दिया जाता है।
रिलायंस फिर बनी नंबर 1
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने हाल ही में एक बार फिर मार्केट कैप मामले में पहला नंबर हासिल कर लिया। रिलायंस ने इस मामले में टीसीएस को पीछे छोड़ दिया। इसके साथ ही रिलायंस भारत की नंबर 1 कंपनी बन गयी है। इस समय रिलायंस की मार्केट कैप 6,83,499.82 करोड़ रुपये है, जबकि टीसीएस की मार्केट कैप 6,20,794.53 लाख करोड़ रुपये है। मार्केट कैप के मामले में नंबर एक का मुकाबला टीसीएस और रिलायंस के बीच ही रहा है। कंपनियों के मार्केट कैप आंकड़े उनके स्टॉक की कीमतों में परिवर्तन के साथ रोज बदलते हैं। इससे पहले मार्च के शुरुआती दिनों में टीसीएस ने रिलायंस को पीछे छोड़ दिया था।
कोरोना का असर
कोरोनावायरस ने दुनिया भर के कारोबारों को प्रभावित किया है। दुनिया भर के कारोबारियों की संपत्ति भी घटी है। इनमें मुकेश अंबानी भी शामिल हैं। इसी कोरोना ने उनसे एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का ताज भी छीन लिया। उनकी संपत्ति घटी, जिससे चीन के जैक मा एक बार फिर एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए। कोरोना ने इकोनॉमी, शेयर बाजार और छोटे-बड़े कारोबार सबको प्रभावित किया है।
More From GoodReturns

Silver Price Today: शनिवार को बाजार में हड़कंप! फिर चांदी के दाम धड़ाम, जानें 1 किलो चांदी का रेट क्या है?

PNB का बड़ा फैसला! 13 डेबिट कार्ड से ATM कैश निकासी सीमा आधी, जानें किन कार्डधारकों पर पड़ेगा असर

Ladli Behna Yojana 34th Installment: 1500 या 3000 रुपये? जानें कब आएगी 34वीं किस्त और ऐसे करें स्टेटस चेक

CM Kisan Samman Yojana: राजस्थान किसानों के लिए अपडेट! कब आएगी 6वीं किस्त, ऐसे चेक करें पेमेंट स्टेटस

Gold Rate Today: सराफा बाजार में सोने के दामों में लगातार कमी, जानें आज कितना सस्ता हुआ 22K और 24K गोल्ड

Silver Price Today: 6 मार्च को भी चांदी में उतार-चढ़ाव! 30,100 रुपये टूटा भाव, जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Gold Rate Today: 10 मार्च को कई दिनों बाद सोने की कीमतों में फिर आई तेजी, जानिए 24k, 22k 18k गोल्ड रेट

Silver Price Today: 11 मार्च को चांदी महंगा हुआ या सस्ता? जानिए 1 किलो चांदी का भाव

Gold Price Today: मिडिल ईस्ट जंग के बीच सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट

Silver Price Today: 9 मार्च को चांदी की कीमत में आई गिरावट...35,000 टूटे भाव, जानिए 1 किलो चांदी का भाव

Gold-Silver Price: सेफ-हेवन माना जाता है सोना-चांदी, फिर भी कीमतों में गिरावट क्यों आ रही, जानिए बड़ी वजह



Click it and Unblock the Notifications