Gold Price: आखिर इतनी तेजी से क्यों बढ़ रही है सोने की कीमत, जानें संभावित कारण

Gold Price Hike: सोने की कीमतों में लगातार जबरदस्त उछाल देखने का मिल रहा है। वैश्विक स्तर पर चल रहे भू राजनीतिक तनाव और मार्केट को लेकर संदिग्ध दृष्टिकोण को सोने की कीमत में बढ़ोतरी का एक सबसे अहम कारण माना जा रहा है। सोना हमेशा निवेश करने के दृष्टिकोण से सुरक्षित माना जाता है। अगर इंटरेस्ट रेट काम होता है तो जाहिर तौर पर बुलियन प्राइसेज में बड़ा देखी जाती है। निवेदक भी हमेशा इसी तलाश में रहते हैं।

मार्च में कितना बढ़ा गोल्ड का रेट

पिछले कई महीनो से सोना एक स्थिर गति के साथ बढ़ रहा था। कभी इसकी कीमत में हल्की गिरावट देखी गई तो कभी कीमत बढ़ी भी। हालांकि साल 2024 के मार्च महीने से सोने की कीमत में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। उसके बाद अप्रैल का महीना आते-आते तो सोने ने अपने कई सारे ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड को भी तोड़ा और नया रिकॉर्ड बनाया है।

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अब सवाल यह उठता है कि अगर सोने की कीमत इतना जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है, तो ऐसा सिर्फ मार्च के महीने में ही क्यों हुआ यह तो पहले भी हो सकता था क्योंकि, राजनीतिक तनावतो काफी समय से चल रहा है। वहीं फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज में की जाने वाली कटौती पर भी अभी कोई बात साफ नहीं है इसलिए इसे भी सोने की कीमत में बढ़ोतरी का कारण मानना सही नहीं होगा।

आखिर क्या है सोने की कीमत में बढ़ोतरी का कारण

आपकी जानकारी के लिए बता दे की गोल्ड प्राइस में इस अचानक तेजी को लेकर अलग-अलग विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है। कुछ का कहना है कि इसका अहम कारण इकोनामिक वेपन के रूप में डॉलर की भूमिका को लेकर केंद्रीय बैंक की चिंता है।

इनमें कुछ लोग बोल रहे हैं कि लोग फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में कटौती को लेकर आश्वस्त है और यही कारण है कि सोने की कीमतें बढ़ रही है। आने वाले चुनाव और मुद्रा में आने वाली कमजोरी जैसे ऐसे तमाम कारण बताए गए हैं जिनसे सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।

जानकारी के लिए बता दे कि कई लोगों को सोने की बढ़ती कीमतों के बारे में लेकर जिज्ञासा हो रही थी, इसी कारण की वजह से लोगों ने ग्लोबल ट्रेड पाइपलाइन को समझने की कोशिश की है। आपकी जानकारी के लिए बताते चले की ग्लोबल ट्रेड लाइन में फ्यूचर्स और एक्सचेंज-क्रेडिट फंड को लेकर न्यूयॉर्क से शंघाई तक और लंदन में ओवर थे काउंटर हब और दुनिया भर के डीलर्स जो की गहन सोने के सिक्के और बार बेचते हैं इनका जाल फैला हुआ है। यह एक विस्तृत बिजनेस है, जो की नेशनल और इंटरनेशनल दोनों लेवल पर काफी जबरदस्त चल रहा है।

हालांकि इस बिजनेस को समझना इतना आसान नहीं रहा है, लेकिन अब बाजार की पारदर्शिता, से लोगों के पास आंकड़े आसानी से आ जाते हैं और इससे सोना खरीदने और बेचने के अलावा इसके कारण और समय के बारे में भी पता चल सकता है। आई संक्षेप में जानते हैं कारण।

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है सोना कौन खरीद रहा है?

इसका सबसे पहला आंसर है दुनिया के केंद्रीय बैंक सोने की जबरदस्त खरीद कर रहे हैं जिनमें भारत और चीन सबसे आगे है। इनमें बड़े कारोबारी भी शामिल है,जो अपने आप को सोने की कम कीमत होने के लिए तैयार कर रहे हैं।

अगर बात की जाए चीन के ग्राहकों की तो यह पर संपत्तियों में काम होते रिटर्न और करेंसी में गिरावट को लेकर चिंतित है यही कारण है कि वह सुनने में इन्वेस्ट कर रहे हैं।

किसमें हो रहा है सबसे ज्यादा निवेश

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लोगों के द्वारा सबसे ज्यादा इनवेस्टमेंट इस समय ईटीएफ गोल्ड में किया जा रहा है। यह सोना खरीदने का एक बहुत ही आसान तरीका है। वर्ल्ड के जबरदस्त आउटफ्लो से पता चलता है कि गोल्ड ईटीएफ में इन्वेस्टमेंट जबरदस्त तरीके से बड़ा है। हालांकि कई लोग फिजिकल बोर्ड पर खरीद रहे हैं लेकिन इसे इतना ज्यादा असर नहीं पड़ने वाला है।

कहां की जा रही है खरीदारी

आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि सोने की ज्यादा तक खरीदारी लार्जर फ्यूचर्स और ओवर द काउंटर मार्केट से हो रही है। इनमें तेजी से बड़ी हुई कारोबारी गतिविधि से पता चलता है कि इंस्टीट्यूशन बायर्स जैसे सेंट्रल बैंक, इन्वेस्टमेंट बैंक, एक्शन बैंक और सॉवरेन वेल्थ फंड भी इसमें जुड़े हुए हैं।

फिलहाल ऑप्शन एक्टिविटी में भी तेजी देखी जा रही है, और ऐसी उम्मीद लगाई जा रही है कि आने वाले समय में सोने की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।

अन्य कारण

सबसे बड़ा सवाल है कि अब सोने की कीमतों में इतनी तेजी क्यों आ रही है और अभी लोगों के द्वारा इसे क्यों खरीदा जा रहा है।

कुछ हफ्तों से यह बात चल रही है कि फेड रेट में कटौती होने वाली है और जिससे सोने में फायदा होगा। हालांकि लोग इसकी टाइमिंग को लेकर अब कम परेशान है और सोने की खरीद लगातार की जा रही है।

वहीं इसका एक कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था का ठीक न होना ही हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि लोगों को पता है कि अमेरिकी बाजार के लिए आने वाला समय कठिन रहने वाला है, इसीलिए वह अपने पैसे सुरक्षित एसेट यानी सोने में इन्वेस्ट कर रहे हैं। ऐसी यह भी पता चलता है कि फेड ब्याज दरों और सोने की कीमत के बीच में आपसी संबंध है।

गौरतलब है कि किसी एक कारण की वजह से सोने के कीमतों में इतना उछाल नहीं आ रहा है। ये कई कारणों के एक हो जाने की वजह से सोने की कीमतों इतनी बढ़ोतरी संभव दिख रही है। गौरतलब है कि आने वाले समय में भारत में सोने की डिमांड में और तेजी देखने को मिल सकती है, इससे कीमतों में और भी ज्यादा उछाल आ सकता है।

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