नयी दिल्ली। देश का सबसे बड़ा बैंक एसबीआई 1.5 अरब डॉलर (करीब 1136 करोड़ रुपये) जुटाएगा। एसबीआई ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान सीनियर अनसिक्योर्ड नोट्स पब्लिक ऑफर या प्राइवेट प्लेसमेंट के माध्यम से 1.5 अरब डॉलर तक फंड जुटाने का फैसला लिया है। एसबीआई के सेंट्रल बोर्ड की कार्यकारी समिति ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। हाल ही में एसबीआई के सीईओ रजनीश कुमार ने कहा था कि बैंक पूंजी जुटाना नहीं चाहता, लेकिन एक नियमित एमटीएन (मीडियम टर्म नोट) कार्यक्रम है। एमटीएन एक डेब्ट पत्र होते हैं जो 5-10 साल में मैच्योर होते हैं। इस प्रोग्राम के तहत कोई फर्म फंड जुटाती है। कुमार ने कहा था कि बैंक एमटीएन कार्यक्रम के तहत ही पैसा चुकाता रहता है और जुटाता रहता है। मगर उन्होंने ये भी बताया था कि ये सब ओवरसीज ऑपरेशन यानी विदेशी कारोबार के लिए होता है।
कैसा रहा एसबीआई का शेयर
फंड जुटाने की खबर के बीच आज बीएसई में एसबीआई के शेयर में भारी गिरावट आई। बैंक का शेयर 187.80 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले आज सुबह हल्की बढ़त के साथ 188.15 रुपये पर खुला था। मगर इसके बाद अंत तक शेयर का रुख नीचे की तरफ रहा। आखिर में एसबीआई का शेयर 10.60 रुपये या 5.64 फीसदी की कमजोरी के साथ 177.20 रुपये के भाव पर बंद हुआ। इस स्तर पर बैंक की बाजार पूंजी 1,58,144.12 करोड़ रुपये है। वहीं एसबीआई का शेयर पिछले 52 हफ्तों में 373.70 रुपये तक चढ़ा और नीचे की ओर 149.55 रुपये तक फिसला है।
सस्ता किया लोन
एसबीआई 10 जून से लोन सस्ता कर चुका है। एसबीआई ने बीते सोमवार को इस बारे में जानकारी देते हुए कहा था कि इसकी लोन दरें 10 जून 2020 से लागू होंगी। बता दें कि एसबीआई ने एमसीएलआर (मॉजिर्नल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट्स) में 25 बेसिस पॉइंट्स कर दी है। इससे एसबीआई की एक वर्षीय एमसीएलआर 7 फीसदी रह गई है। एसबीआई ने अपनी बेस रेट भी कम की है। बेस रेट में इसने 75 बेसिस पॉइंट्स कम किए हैं। अब बैंक की बेस रेट 8.15 फीसदी से कम होकर 7.40 फीसदी रह गई है।
एसबीआई का मुनाफा 4 गुना
2019-20 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में बैंक का मुनाफा 3,581 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही में रहे 838.4 करोड़ रुपये के मुकाबले 4 गुना है। हालांकि एसबीआई के इस तिमाही लाभ में एसबीआई कार्ड (सब्सिडरी कंपनी) में हिस्सेदारी की बिक्री से 2,731 करोड़ रुपये का प्रोफिट शामिल है। बैंक की शुद्ध ब्याज आमदनी 25403 करोड़ रुपये के मुकाबले 0.8 फीसदी की गिरावट के साथ 22766 करोड़ रुपये रह गई। वहीं इसकी सकल एनपीए 6.6 फीसदी गिर कर 1,49,091 करोड़ रुपये और सकल एनपीए अनुपात 6.94 फीसदी (अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में) के मुकाबले 6.15 फीसदी रह गया।
More From GoodReturns

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

Indo-MIM Listing Today: आज बाजार में होगी धमाकेदार एंट्री! लिस्टिंग के बाद शेयर बेचने का सही तरीका

Gold Outlook: Buy on Dip या Sell on Rise? गोल्ड, सिल्वर और क्रूड पर Expert Strategy!

LIC AGM 2026: डिविडेंड और बोनस पर बड़ा फैसला, निवेशकों के लिए क्या है खास?



Click it and Unblock the Notifications