Crude Oil Prices: आज 11 मई को तेल की कीमतों में तेजी आई। इसकी वजह यह थी कि अमेरिका और ईरान, वॉशिंगटन के समर्थन वाले शांति प्रस्ताव पर किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य भी ज्यादातर समय बंद रहा, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा की आपूर्ति में कमी को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।

ब्रेंट क्रूड वायदा 3.18 डॉलर, या 3.14% बढ़कर 104.47 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यह शुक्रवार को हुई 1.23% की बढ़त के बाद हुआ। वहीं, US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 3.92 डॉलर, या 4.11% बढ़कर 99.34 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इससे पिछले सत्र में इसमें 0.64% की बढ़त हुई थी।
आज कच्चे तेल की कीमतों में क्या तेजी है?
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने इस जवाब को "पूरी तरह से मंजूर नहीं" बताया, क्योंकि बार-बार तनाव बढ़ने के बाद दोनों पक्ष नाजुक सीजफायर बनाए रखने के लिए जूझ रहे थे। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप इस हफ्ते चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने वाले हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने रविवार को बताया कि बातचीत के दौरान ट्रंप चीन के ईरान के प्रति रवैये को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कर सकते हैं। उम्मीद है कि इस बातचीत में उन राजस्व पर चर्चा होगी जो चीन, ईरान के लिए जुटाता है। साथ ही, चीन द्वारा ईरान को हथियारों के संभावित निर्यात पर भी बात हो सकती है।
भारत में बढ़ने वाले है पट्रोल-डीजल के प्राइज?
इंडिया टुडे टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 15 मई से पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाई जा सकती है, क्योंकि तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को कच्चे तेल की बढ़ती वैश्विक कीमतों के बीच हर महीने करीब 30,000 करोड़ रुपये का भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है।
रिपोर्ट के मुताबकि OMCs को हर महीने करीब 30,000 करोड़ रुपये की 'अंडर-रिकवरी' (लागत से कम वसूली) का सामना करना पड़ रहा है," और उन्होंने ईंधन की खुदरा कीमतों तथा बढ़ती इनपुट लागत के बीच भारी अंतर की ओर इशारा किया। मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध के बीच कच्चे तेल की कीमतें करीब 70 डॉलर से बढ़कर 126 डॉलर प्रति बैरल हो जाने के बाद यह दबाव और भी बढ़ गया है।


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