Air Conditioners Blast : हाल ही में ग्रेटर नोएडा के ग्रेनो वेस्ट की 6 एवेन्यू सोसायटी में एसी ब्लास्ट के बाद फ्लैट में आग लग गई। जिससे पूरी सोसायटी में अफरातफरी का माहौल बन गया।
इस चिलचिलाती गर्मी में लोगों का जीना मुश्किल होता जा रहा है और गर्मी से राहत पाने के लिए लोग एसी और कूलर का सहारा ले रहे हैं, लेकिन ऐसे में एसी में ब्लास्ट होने के कई सारे मामले सामने आए हैं। आपके मन में भी कई सारे सवाल रहे होंगे, जैसे की एसी के ब्लास्ट होने के पीछे का क्या कारण है। इस खतरे को कैसे कम किया जा सकता है, आदि। चलिए इन सवालों का जवाब आपको देते हैं।

एसी के ब्लास्ट होने के पीछे का कारण
खराब वायरिंग, शॉर्ट सर्किट, ढीले कनेक्शन की वजह से एसी के ब्लास्ट होने का डर सबसे ज्यादा होता है।
इसके अलावा अगर एयर कंडीशनर को ज्यादा जोर से चलाया जाता है या फिर ये ठीक से कूलिंग नहीं कर रहा है, तो ये ज्यादा हीटअप हो सकता है और ब्लास्ट भी हो सकता है।
आपको बता दें कि एसी ब्लास्ट होने के पीछे अन्य कारण भी हैं। जब वोल्टेज फ्लक्चुएशन के साथ वोल्टेज कम होने पर कंप्रेसर पर अधिक दबाव पड़ता है तो इसके कारण कंप्रेसर के साथ अन्य उपकरण पर अधिक दबाव पड़ने लगता है जिसकी वजह से यह अधिक गर्म हो जाते हैं, जिससे एसी ब्लास्ट होने की संभावना बढ़ जाती है।
वहीं, एसी के कंडेसर और इसके बाहर से हवा निकलने वाले स्थान पर अगर कोई ऑब्जेक्ट अवरोध करता है तो एसी की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती और ऐसी स्थिति में ब्लास्ट होने का चांस है।
इसके अलावा अगर एसी सर्विसिंग नहीं कराते हैं तो फिर इसमें खराबी हो सकती है जिससे ब्लास्ट हो सकता है। कई लोग टर्बो मोड को लगोतार ऑन रखते हैं जिससे एसी की फास्ट कूलिंग होती है, लेकिन इसका लंबे समय तक इस्तेमाल ब्लास्ट का कारण बन सकता है।
ऐसे करें एसी के ब्लास्ट होने की संभावना को कम
अगर कभी भी एसी से अचानक लीकेज या बदबू आने लगे तो तुरंत टेक्नीशियन को बुलाएं। एक बार कमरा ठंडा होने के बाद टर्बो मोड ऑफ कर देना चाहिए और नॉर्मल स्पीड में ही एसी चलाएं।
सभी खराब वायरिंग को तुरंत बदले और उपकरणों की सर्विसिंग भी जरूर कराएं। अक्सर लोग गर्मी से बचने के लिए लगातार घंटों तक एसी चलाकर रखते हैं, लेकिन ऐसा करने से बहुत एसी का कंडेसर गर्म हो सकता है इसलिए हर तीन घंटे में कम से कम 30 मिनट तक एसी को बंद जरूर करें।
इसके अलावा एसी की सर्विसिंग करवाना बहुत जरूरी ताकि वायरिंग को भी आप चेक करवा सकें। अगर तारें खराब हो तो उन्हें जरूर बदलवाएं।
एसी में तापमान कम से कम 24 डिग्री या उससे अधिक ही रखें लेकिन अगर ज्यादा गर्मी है तो आप तापमान कम कर सकते हैं। कमरा ठंडा होने के बाद तापमान को 24 डिग्री तक ही रखें। ज्यादा पुराने एसी में ब्लास्ट होने का खतर बढ़ जाता है इसलिए अगर एसी में लंबे समय से कोई दिक्कत है तो उसे चेंज करवा दें।


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