8th Pay Commission: 8वां वेतन आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और रिटायर कर्मचारियों के सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी ला सकता है। हालांकि इसके लिए कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।

कितनी बढ़ेगी सैलरी?
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, न्यूनतम मूल वेतन 18,000 से बढ़कर 51,480 रुपये हो सकता है, और मौजूदा केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) की जगह एक नई स्वास्थ्य बीमा योजना आ सकती है, जो बेहतर चिकित्सा कवरेज देगा। हालांकि, इस प्रोसेस में देरी पहले से ही स्पष्ट है।
लाइवमिंट की रिपोर्ट के अनुसार, आयोग का अभी तक औपचारिक रूप से गठन नहीं हुआ है।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट बताती है कि 8वें वेतन आयोग को 2026 के अंत या 2027 के शुरुआत से पहले लागू नहीं किया जा सकेगा। कोटक बताते हैं कि पिछले वेतन आयोगों को गठित होने के बाद रिपोर्ट जमा करने में लगभग डेढ़ साल लगते थे, और कैबिनेट की मंजूरी के बाद उन्हें लागू करने में 3-9 महीने और लगते थे। रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि न्यूनतम वेतन बढ़कर लगभग ₹30,000 प्रति माह हो सकता है, जिसका मतलब है कि लगभग 1.8 का फिटमेंट फैक्टर और लगभग 13% की वास्तविक वेतन बढ़ोतरी हो सकती है।
एम्बिट कैपिटल की एक रिपोर्ट का अनुमान है कि वेतन और पेंशन में 30-34% की बढ़ोतरी हो सकती है, जिसका सीधा लाभ लगभग 44 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों को होगा। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि 8वां वेतन आयोग, सातवें वेतन आयोग की जगह लेगा, जिसे 2016 में लागू किया गया था और जिसने लगभग 14% की मामूली बढ़ोतरी की थी।
क्यों हो रही देरी?
8वें वेतन आयोग के गठन के फैसले को जनवरी में केंद्रीय मंत्रिमंडल की हरी झंडी मिल गई थी, लेकिन अभी तक आयोग का गठन नहीं हुआ है। कर्मचारी संघ के नेता केंद्र सरकार की कार्य-शर्तों पर मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं, जो आयोग के लिए रूपरेखा का काम करेंगी।


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