नई दिल्ली, नवंबर 15। महंगाई के मोर्चे पर आम जनता के लिए एक झटका देने वाली खबर आई है। अक्टूबर महीने में थोक महंगाई में बढ़ोतरी हुई है। बता दें कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि अक्टूबर में देश भर में थोक मुद्रास्फीति बढ़ कर 12.54 प्रतिशत हो गई। सितंबर महीने के दौरान थोक मूल्य सूचकांक (डब्लूपीआई) में 10.66 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि अगस्त के लिए थोक महंगाई के आंकड़े को 11.39 प्रतिशत से संशोधित कर 11.64 प्रतिशत किया गया है। अक्टूबर 2020 में थोक महंगाई दर 1.31 फीसदी रही थी।

क्यों बढ़ी महंगाई
गौरतलब है कि पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में अक्टूबर 2021 में थोक मुद्रास्फीति की दर में इतनी बढ़ोतरी मुख्य रूप से खनिज तेलों, बेसिक मेटल्स, खाद्य उत्पादों, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, रसायनों और रासायनिक उत्पादों आदि की कीमतों में वृद्धि के कारण हुई है। ये लगातार 7वां महीना रहा, जिसमें थोक महंगाई दर दोहरे अंकों (10 फीसदी या इससे अधिक) में रही है।
खाद्य महंगाई घटी
सितंबर के महीने में दर्ज की गई 4.69 फीसदी गिरावट की तुलना में खाद्य मुद्रास्फीति अक्टूबर में साल दर साल आधार पर 1.69 फीसदी घटी। वहीं विनिर्मित उत्पादों की मुद्रास्फीति सितंबर में 11.41% के मुकाबले 12.04% रही। कुल मिलाकर ईंधन और बिजली की थोक महंगाई दर अक्टूबर में 37.18 फीसदी रही, जो सितंबर में 24.81 फीसदी और अगस्त में 26.09 फीसदी थी। अक्टूबर में कच्चे तेल, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की कीमतों में 66.46% की वृद्धि हुई, जबकि एक महीने पहले कीमतों में 43.92% की वृद्धि हुई थी।
प्याज और आलू
आलू और प्याज की मुद्रास्फीति सितंबर में 48.95% और 1.91% की गिरावट की तुलना में अक्टूबर में 51.32% और 25.01% घटी। अंडे, मांस और मछली की कीमतें अक्टूबर में 1.98% बढ़ीं, जो सितंबर में 5.18% थीं। इससे पहले शुक्रवार को जारी खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों की बात करें तो अक्टूबर में ये बढ़ कर 4.48% हो गयी, जो सितंबर में 4.35% थी। हालांकि यह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 2-6% के लक्ष्य सीमा के भीतर रही।


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