नई दिल्ली, अक्टूबर 14। आम जनता के लिए महंगाई के मामले में एक और अच्छी खबर आई है। दरअसल खुदरा के बाद सितंबर 2021 में तोक महंगाई भी कम हुई है। सितंबर में प्रोविजनल थोक मूल्य सूचकांक (डब्लूपीआई) मुद्रास्फीति अगस्त में दर्ज की गयी 11.39 फीसदी से घट कर 10.66 फीसदी हो गई। सरकार की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले छह महीने से बेंचमार्क महंगाई दर दहाई अंक में बनी हुई है। पिछले साल सितंबर में थोक महंगाई दर 1.32 फीसदी रही थी। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सितंबर 2021 में खुदरा महंगाई की दर खनिज तेलों, बेसिक मेटल्स, गैर-खाद्य वस्तुओं, खाद्य उत्पादों, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, रसायन और रासायनिक उत्पादों आदि की कीमतों में वृद्धि के चलते बढ़ी है।

खाद्य वस्तुओं पर महंगाई दर
ईंधन और बिजली पर मुद्रास्फीति सितंबर में 24.91 प्रतिशत रही। खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति लगातार पांचवें महीने कम हुई। सितंबर में यह (-) 4.69 प्रतिशत दर्ज की गई, जो अगस्त में (-) 1.29 प्रतिशत थी। इसमें मुख्य रूप से सब्जियों की कीमतों में कमी के कारण गिरावट आई। दालों की कीमतों में 9.42 फीसदी की तेजी दर्ज की गयी। कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की कीमतों में सितंबर में 43.92 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो पिछले महीने में 40.03 प्रतिशत थी।
खुदरा महंगाई भी घटी
दो पहले खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी किए गए थे। सितंबर में खुदरा मुद्रास्फीति 4.35 प्रतिशत रह गई। अगस्त में यह 5.30 प्रतिशत रही थी। खाद्य चीजों की कीमतों में गिरावट से खुदरा महंगाई घटी। सितंबर में खुदरा महंगाई 5 महीनों के निचले स्तर तक गिर गयी। बताते चलें कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित (सीपीआई) मुद्रास्फीति अगस्त में 5.30 प्रतिशत और सितंबर 2020 में 7.27 प्रतिशत रही थी।
खुदरा खाद्य महंगाई दर
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2021 में खाद्य मुद्रास्फीति घटकर 0.68 प्रतिशत रह गई, जो अगस्त महीने में रही 3.11 प्रतिशत से काफी कम है। सरकार ने अगस्त के औद्योगिक उत्पादन के भी आंकड़े जारी किए हैं। अगस्त में औद्योगिक उत्पादन बढ़ा।


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