ITR Filing: हर साल जब इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने का समय आता है, तो कई लोगों के मन में सवाल उठता है क्या मुझे ITR भरना चाहिए? कई बार लोगों को लगता है कि अगर सैलरी से टैक्स कट गया है या बैंक ने ब्याज पर टीडीएस ले लिया है, तो ITR भरने की जरूरत नहीं। लेकिन ये धारणा पूरी तरह सही नहीं है। चलिए आपको बताते हैं किस समय ITR फाइल करना जरूरी है।

1. जब आपकी आमदनी तय सीमा से ज़्यादा हो
सरकार ने एक बेसिक छूट सीमा (exemption limit) तय की हुई है। अगर आपकी सालाना कुल आमदनी इस सीमा से ज्यादा है, तो ITR फाइल करना ज़रूरी है।
अगर आपकी उम्र 60 से कम है तो आपके लिए 2.5 लाख रुपए की सीमा तय है
60 से 80 साल के लिए: 3 लाख रुपए
80 साल से ऊपर वालों के लिए: 5 लाख रुपए
नई टैक्स स्कीम के तहत: 3 लाख रुपए सभी के लिए
छूटों (जैसे PPF, मेडिक्लेम, डोनेशन आदि) को हटाकर बची हुई इनकम अगर इस सीमा से ऊपर है, तो ITR फाइल करना ज़रूरी है।
2. अगर विदेश में संपत्ति या अकाउंट है
अगर आप भारत के निवासी हैं और आपके पास विदेश में कोई संपत्ति, बैंक खाता या शेयर आदि हैं, या आप किसी विदेशी बैंक अकाउंट पर सिग्नेचर अथॉरिटी रखते हैं, तो ITR भरना जरूरी हो जाता है even अगर वहां कोई पैसा न हो।
3. कुछ खास खर्च तय सीमा से ज़्यादा किए हों
कुछ बड़े खर्चों के आधार पर भी ITR फाइल करना जरूरी हो जाता है:
साल में 1 लाख रुपए से ज्यादा बिजली का बिल
विदेश यात्रा पर 2 लाख रुपए या उससे ज्यादा खर्च
यह खर्च आपके लिए हो या किसी और के लिए महत्व नहीं रखता।
4. बैंक खातों में बड़ी रकम जमा की हो
अगर आपने साल में बैंकों में भारी राशि जमा की है, तो भी ITR फाइल करना जरूरी है:
करंट अकाउंट में 1 करोड़ रुपए या उससे अधिक जमा
सेविंग अकाउंट में 50 लाख रुपए या उससे ज्यादा यहां सिर्फ कैश नहीं बल्कि चेक, ट्रांसफर या UPI से हुई जमा भी शामिल है।
5. व्यापार या पेशे से इनकम और TDS कटना
अगर आप व्यापार करते हैं और आपकी सालाना बिक्री 60 लाख रुपए से ज्यादा है, या आप प्रोफेशनल हैं (जैसे डॉक्टर, वकील, फ्रीलांसर) और आपकी कमाई 10 लाख रुपए से ऊपर है तो ITR फाइल करना जरूरी है। साथ ही अगर आपके ऊपर कुल 25,000 रुपए या उससे ज़्यादा का TDS कटा है (वरिष्ठ नागरिकों के लिए 50,000 रुपए), तो भी रिटर्न भरना ज़रूरी है।


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