Gold Rates Vs Silver Rates Vs Crude Oil Vs Stocks: भारत में आज सोने, चांदी और तांबे की कीमतों में तेजी से खरीदारी देखी गई। इसकी वजह वेनेजुएला पर अमेरिका का हमला था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर अमेरिका में ड्रग तस्करी और नार्को-टेररिज्म का आरोप लगाया है। ट्रंप ने कहा कि मादुरो पर अमेरिकी धरती पर मुकदमा चलाया जाएगा। दोनों देशों के बीच नए तनाव ने निवेशकों को सेफ-हेवन एसेट्स की ओर रुख करने पर मजबूर कर दिया है।

ट्रंप ने क्या कहा?
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों के बारे में बताते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रुथ सोशल पर कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने वेनेजुएला और उसके नेता, राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ सफलतापूर्वक एक बड़े पैमाने पर हमला किया है, जिन्हें उनकी पत्नी के साथ पकड़ लिया गया है और देश से बाहर भेज दिया गया है। यह ऑपरेशन अमेरिकी कानून प्रवर्तन के साथ मिलकर किया गया था। और जानकारी जल्द ही दी जाएगी। ....इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!
कमोडिटी बाजार का परफॉर्मेंस
दोनों देशों के बीच नए तनाव ने निवेशकों को सेफ-हेवन एसेट्स की ओर रुख करने पर मजबूर कर दिया है। ऐसे में सप्ताह के पहले दिन ही सोने औकर चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। एक और कमोडिटी ने भी जबरदस्त परफॉर्मेंस दिखाई, वह है तांबा।
सोमवार को MCX पर, तांबे की कीमत में लगभग 2% की बढ़ोतरी हुई, जबकि चांदी में 3% और सोने की कीमतों में लगभग 1.5% की तेजी आई। वहीं, दूसरी ओर, कच्चे तेल और शेयरों में दबाव में कारोबार हुआ। भारतीय शेयर बाजार में भी दबाव देखने को मिला। लेकिन सवाल यह है कि इस तनाव से किसे फायदा होगा?
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों के बाद, मार्केट एक्सपर्ट्स को कच्चे तेल, सोने और चांदी की कीमतों में गैप-अप ओपनिंग की उम्मीद है। हालांकि, वेनेजुएला की इकॉनमी इतनी बड़ी नहीं है, और इसलिए, इस जियोपॉलिटिकल टेंशन का भारतीय शेयर बाजार पर खास असर होने की संभावना नहीं है, और इसके स्थिर रहने की उम्मीद है। हालांकि, बुल के भरोसे को कुछ झटका लग सकता है।
अमेरिका-वेनेजुएला संघर्ष से किसे फायदा होगा?
आयनिक एसेट की ग्लोबल इन्वेस्टमेंट्स की हेड अंकिता पाठक के अनुसार, लैटिन अमेरिका में हाल के जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट्स ने क्षेत्रीय जोखिम परिदृश्य को काफी बदल दिया है। वेनेजुएला से लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक दबाव का हटना दशकों में इस क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक है और उम्मीद है कि इसका कमोडिटी, उभरते बाजारों और ग्लोबल रिस्क एसेट्स पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। हालांकि, आने वाले भविष्य में अनिश्चितता और अस्थिरता बनी रहेगी, लेकिन मध्यम से लंबी अवधि के निवेश परिणाम कुछ चुनिंदा बाजारों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
अंकिता पाठक के अनुसार, US-वेनेजुएला विवाद के कारण किसे तेजी या गिरावट देखने को मिल सकती है-
- कच्चा तेल- कम समय में सप्लाई में रुकावटों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बीच-बीच में उछाल आ सकता है, लेकिन लंबे समय में रुझान नेगेटिव रहेगा क्योंकि सप्लाई की स्थिति बेहतर हो रही है।
- सोने की कीमतें- उम्मीद है कि अनिश्चितता और जोखिम से बचने की वजह से सोने को फायदा होगा।
- शेयर- भारतीय इक्विटी के लिए, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के इनडायरेक्ट प्रभावों को छोड़कर, असर ज्यादातर न्यूट्रल रहेगा।
कुल मिलाकर, बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच कीमती धातुएं, खासकर सोना, अच्छी तरह से सपोर्टेड रहने की संभावना है।
[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]


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