Jyoti Bansal Net Worth: अपने प्रतिभा के बल पर पूरी दुनिया में भारत का गौरव बढ़ाने वाले भारतीयों की फहरिस्त बहुत लंबी है। भारत से बाहर निकलकर हर क्षेत्र में भारतीयों ने ऊंचाईंयों को छुआ है। अब इस दिशा में एक और भारतीय मूल के नागरिक ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

दरअसल, भारतीय मूल के एंटरप्रोन्योर ज्योति बंसल ने एक नहीं बल्कि दो अरब डॉलर की कंपनियां बनाई हैं। इसके साथ वे अरबपतियों की सूची में शामिल हो गए हैं। यह एक ऐसी उपलब्धि है जिसने उन्हें दुनिया के एलीट टेक संस्थापकों में शामिल कर दिया है। अपना पहला स्टार्टअप सिस्को को बेचने के बाद बंसल ने हार्नेस लॉन्च किया, जो एक AI-पावर्ड सॉफ्टवेयर डिलीवरी प्लेटफॉर्म है जिसने हाल ही में भारी वैल्यूएशन पर $240 मिलियन जुटाए हैं।
Who Is Jyoti Bansal: कौन हैं ज्योति बंसल?
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली से ग्रेजुएशन करने वाले ज्योति बंसल राजस्थान के एक छोटे से शहर में पले-बढ़े हैं। अरबपतियों के क्लब में शामिल होने के बाद बंसल ने कहा कि बिल गेट्स के IIT कैंपस के दौरे और हॉटमेल के को-फाउंडर, एलुमनाई सबीर भाटिया की सफलता ने उन्हें अपनी एंटरप्रेन्योरशिप की यात्रा शुरू करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, "इसी वजह से मैं सिलिकॉन वैली आया।"
ज्योति बंसल कब गए अमेरिका?
आउटलेट के अनुसार, 21 साल की उम्र में कुछ सौ डॉलर लेकर बंसल राजस्थान से कैलिफ़ोर्निया पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने अगले सात साल अलग-अलग टेक्नोलॉजी कंपनियों में इंजीनियर के तौर पर काम किया, जिन्होंने उनके H-1B वीज़ा को स्पॉन्सर किया था।
फोर्ब्स के साथ बातचीत में बंसल ने अपनी शुरुआती मुश्किलों के बारे में बताते हुए बंसल ने H-1B वीज़ा सिस्टम की कमियों के बारे में खुलकर बात की है। उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से चुनौती यह है कि अगर आप H-1B वीज़ा पर हैं, तो आपको कंपनी शुरू करने और ज़्यादा नौकरियां पैदा करने की इजाज़त नहीं है, जो मुझे बहुत अजीब लगता है।" उन्होंने आगे कहा कि उन्हें आज़ादी से बिज़नेस शुरू करने से पहले ग्रीन कार्ड मिलने तक इंतज़ार करना पड़ा। बंसल बाद में 2016 में अमेरिकी नागरिक बन गए।
Jyoti Bansal Net Worth: ज्योति बंसल की नेट वर्थ कितनी है?
फोर्ब्स ने बताया कि हार्नेस ने गोल्डमैन सैक्स अल्टरनेटिव्स, इंस्टीट्यूशनल वेंचर पार्टनर्स और मेनलो वेंचर्स से $240 मिलियन का सीरीज E राउंड जुटाया।
आउटलेट के अनुसार, बंसल की अनुमानित नेट वर्थ लगभग $2.3 बिलियन है, जिसका मुख्य कारण हार्नेस में उनकी 30% हिस्सेदारी है। उन्हें 2017 में अपनी पहली कंपनी AppDynamics को सिस्को को बेचने से भी कैश मिला था।
बंसल ने क्यों शुरु किया हार्नेस?
अपनी पहली कंपनी बेचने के बाद के बारे में बात करते हुए बंसल ने फोर्ब्स को बताया, "मैंने रिटायर होने की कोशिश की। लोग कहते हैं कि जब मैं रिटायर हो जाऊंगा, तो मैं वही करूंगा जो मुझे पसंद है। मैंने खुद से पूछा कि क्या मुझे हर समय गोल्फ खेलना या हर समय बीच पर रहना पसंद है?' सच में नहीं। मुझे एहसास हुआ कि मैं वही काम क्यों न करूं जो मुझे पसंद है, यानी एक कंपनी बनाना।"
उन्होंने कहा, "AppDynamics में जिस समस्या ने मुझे आकर्षित किया, वह यह थी कि जब आप सॉफ्टवेयर शिप करते हैं और कोई गड़बड़ी होती है या कोई आउटेज होता है, तो [हमारा सॉफ्टवेयर] उसे ठीक करने में मदद करता है।"
उन्होंने आगे कहा, "लोग अक्सर यह महसूस नहीं करते कि कोड लिखना सिर्फ़ 30% काम है। फिर आपके पास बाकी 70% काम होता है यह पक्का करने के लिए कि आप उस कोड को ठीक से टेस्ट करें।"
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