Who is Jimmy Tata: टाटा परिवार, पीढ़ियों से देश में सबसे जाना पहचाना नाम है. उद्योग हो, परोपकार हो या फिर सादगी भरा जीवन, टाटा परिवार एक मिसाल है. कल देर रात रतन टाटा के निधन के बाद एक बार फिर टाटा फैमिली के सदस्यों की सादगी याद आ रही, जिसमें रतन टाटा के भाई जिमी टाटा का जीवन भी ऐसा ही है. जिमी टाटा ने चकाचौंध की जिंदगी से कहीं दूर सादे जीवन को चुना है. अरबों के टाटा ग्रुप का हिस्सा रहने बावजूद जिमी मुंबई के कोलाबा में दो बेडरूम वाले फ्लैट में रहते हैं. स्मार्टफोन के इस जमान में वे मोबाइल फोन भी इस्तेमाल नहीं करते.
कौन हैं जिमी नवल टाटा
जिमी नवल टाटा, रतन टाटा के छोटे भाई हैं, जिनकी उम्र 82 साल है. उन्होंने सादे जीवन को चुना और अपनी लो प्रोफाइल रहे. हालांकि, टाटा ग्रुप के कारोबार में थोड़ी हिस्सेदारी है. रतन टाटा ने उनके साथ साल 1945 की एक तस्वीर साझा की है, जोकि ब्लैक एंड व्हॉइट है.
जानेमाने कारोबारी हर्ष गोयनका ने जिमी टाटा के बारे में एक पोस्ट में बताया कि वे मुंबई के कोलाबा में 2बेडरुम वाले फ्लैट में रहते हैं, जो मोबाइल फोन भी नहीं इस्तेमाल करते. गोयनका ने 2022 में किए एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया था कि जिमी टाटा कभी भी बिजनेस में रुचि नहीं दिखाई. हालांकि, वे बेहद शानदार स्क्वैश प्लेयर रहे.
टाटा ग्रुप में जिमी नवल की हिस्सेदारी
रतन टाटा के छोटे भाई जिमी नवल ने बिजनेस में कभी हाथ नहीं आजमाया. लेकिन टाटा ग्रुप में उनकी थोड़ी हिस्सेदारी है. ग्रुप की कई दिग्गज कंपनियों में जिमी टाटा की हिस्सेदारी है. इन कंपनियों में टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, टाटा संस, TCS, टाटा पावर, इंडियन होटल और टाटा केमिकल शामिल हैं. जिमी नवल टाटा, सर रतन टाटा ट्रस्ट में ट्रस्टी भी हैं.

नहीं रहे रतन टाटा
टाटा ग्रुप के मानद चेयरमैन और दिग्गज इंडस्ट्रियलिस्ट रतन टाटा अब नहीं रहे. मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में कल देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली. रतन टाटा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत लगभग सभी जानी मानी हस्तियों ने उन्हें याद करते हुए उनसे जुड़ी यादें साझा की और श्रंद्धांजलि अर्पित की. टाटा ग्रुप का इतिहास देश की आजादी से भी पुराना है.
टाटा ग्रुप का सालों पुराना है इतिहास
देश के सबसे पुराने उद्योग घराने की शुरुआत आजादी से बहुत पहले हुई थी. टाटा ग्रुप की शुरुआत एक ट्रेडिंग फर्म के तौर पर साल 1868 में हुआ था. आज टाटा ग्रुप में लिस्टेड और अनलिस्टेड कंपनियों का आंकड़ा करीब 100 है. इस कारोबार देश ही नहीं विदेश की धरती पर भी है. ग्रुप नमक से लेकर लोहा तक बनाती है. इसके प्रोडक्ट्स की पहुंच 150 से ज्यादा देशों तक फैसला हुआ है.


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