नयी दिल्ली। जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करने वालें सावधान हो जायें क्योंकि टैक्स अधिकारी बैंक खातों सहित संपत्तियों की कुर्की कर सकते हैं। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड यानी सीबीआईसी द्वारा जारी किये गये मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार जीएसटी कमिश्नर केंद्रीय जीएसटी अधिनियम की धारा 83 के तहत संपत्ति कुर्क कर सकता है। इसके बाद वे उन मामलों में पंजीकरण भी रद्द कर सकता है जहां एसओपी के अनुसार निर्धारित अवधि के दौरान रिटर्न दाखिल नहीं किया गया। इस निर्धारित अवधि की समयसीमा अभी तय नहीं है। इस सेक्शन के मुताबिक कमिश्नर किसी भी संपत्ति को असेसी के बैंक खाते सहित कुर्क कर सकता है। इसके लिए उसे संपत्ति के विवरणों का उल्लेख करते हुए निर्दिष्ट रूप में एक आदेश जारी करना होगा। यह कार्रवाई नोटिस प्राप्त करने के बाद भी 15 दिनों में रिटर्न दाखिल न करने पर होगी।

15 दिन बाद भेजा जायेगा नोटिस
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर के तहत पहले 5 बाद नोटिस भेजे जाने के बाद भी रिटर्न न भरने पर 15 दिन बाद असेसमेंट नोटिस भेजा जायेगा। अगर इसके बाद भी रिटर्न न भरने वाले कारोबारी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया न मिले तो अधिकारी उसके उपलब्ध रिकॉर्ड या डेटा के आधार पर असेसमेंट करके 30 दिन बाद टैक्स की मांग कर सकेंगे। सीबीआईसी ने यह भी कहा है कि पूरे देश में एक ही टाइमलाइन का पालन होगा।। इसके अलावा एक ही जैसे फॉर्म और फॉर्मेट में नोटिस भेजा जाएगा।
टैक्स बढ़ाने पर सरकार का जोर
इस समय सरकार अपना रेवेन्यू बढ़ाने के लिए टैक्स कलेक्शन बढ़ाने पर जोर दे रही है। क्योंकि पिछले कुछ महीनों में सरकार के टैक्स कलेक्शन में कमी आयी है। हाल ही में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में भी कलेक्शन बढ़ाने पर चर्चा हुई। इसके अलावा बीते सोमवार को केंद्र सरकार ने अगस्त और सितंबर के लिए जीएसटी मुआवजे के रूप में राज्यों को 35,298 करोड़ रुपये जारी किये। राज्य सरकारें आमदनी की हल्की रफ्तार के चलते आ रही वित्तीय समस्याओं की वजह से जीएसटी मुआवजा दिये जाने की मांग कर रही थीं।
यह भी पढ़ें - आईआरसीटीसी : बिना पैसे अदा किये करें टिकट बुक, जानिये तरीका


Click it and Unblock the Notifications