SIP Launch In India: आज सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी लोगों का एक पसंदीदा इन्वेस्टिंग स्कीम बन चुकी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस स्कीम के तहत इन्वेस्टर्स का पैसा धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है और SIP को लोगों के द्वारा काफी ज्यादा पसंद भी किया जा रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए छोटी-छोटी किस्तों को लंबे समय तक बचाकर एक बड़ी रकम तैयार की जा सकती है। आइए जानते हैं भारतीय मार्केट में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान कब इंट्रोड्यूस किया गया था और इसकी ग्रोथ कितनी जबरदस्त रही है।
एक्सपर्ट बताते हैं कि भारत में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के कांसेप्ट को1990 में शुरू किया गया था। लेकिन म्युचुअल फंड के अभियान ने और लोगों में बढ़ती जागरूकता ने सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान की तरफ उनके रुझान को काफी बढ़ा दिया।

ऐसा इसलिए भी था क्योंकि पहले लोगों को इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। लेकिन अब हाथ में मोबाइल आ जाने से लोगों को ज्यादातर जानकारियां आसानी से पता चल जाती हैं और यही कारण है कि सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान में निवेश करने वाले लोगों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है।
एसआईपी के जरिए इन्वेस्ट किए गए पैसों के इनफ्लो में आई कितनी तेजी
एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया के द्वारा मिल रही जानकारी के मुताबिक साल 2016 में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए कल इन्वेस्टमेंट 3122 करोड रुपए का हुआ था। इसके बाद से लोगों में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान को लेकर जागरूकता बढ़ी है और उसी तरह से उनके निवेश का आंकड़ा भी बड़ा है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस बार साल 2024 में म्युचुअल फंड संगठन के द्वारा फरवरी तक के आंकड़े जारी किए हैं जिनमें फरवरी 2024 तक म्युचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए 19,187 करोड रुपए का इन्वेस्टमेंट किया गया था। यानी अगर देखा जाए तो 8 साल में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए इन्वेस्टमेंट करीब 5 गुना तक बढ़ गया है।
वही म्यूचुअल फंड संगठन के द्वारा जारी की गई जानकारी के मुताबिक पिछले 9 साल के अंदर सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के अकाउंट में 11 गुना की बढ़ोतरी देखने को मिली है।
वहीं इंडियन म्युचुअल फंड इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट दिसंबर में 50 ट्रिलियन रुपए के आंकड़े को भी क्रॉस कर गया था।


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