Shubhanshu Shukla Salary: भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभंशु शुक्ला अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंचने वाले दूसरे भारतीय बनकर इतिहास रचने वाले हैं. लेकिन शुक्ला को ऑर्बिट में अपने 14 दिनों के प्रवास के लिए कोई वेतन नहीं दिया जाएगा. ऐसा इसलिए है क्योंकि उनका मिशन एक्सिओम-4 इसरो और नासा के बीच एक सहयोगात्मक प्रयास का हिस्सा है. हालांकि, भारत ने उनकी भागीदारी को पूरी तरह से फाइनेंस किया है.
एक्सिओम-4 मिशन पर भारत का निवेश
रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ने एक्सिओम-4 मिशन पर 548 करोड़ रुपए खर्च किए हैं. इस राशि में प्रशिक्षण, लॉन्च लॉजिस्टिक्स, यात्रा और शुक्ला की ओर अंतरिक्ष में किए जा रहे रिसर्च शामिल हैं. इस मिशन में उनकी उपस्थिति को भारत के गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम की ओर एक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जो 2027 के लिए तय है.
हालांकि, इससे जुड़ा कोई वेतन नहीं है. शुक्ला की यात्रा भारत के अंतरिक्ष भविष्य में एक हाई वैल्यू निवेश है, जो देश को उन्नत अंतरिक्ष उड़ान प्रशिक्षण, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और अंतरिक्ष अनुसंधान तक सीधी पहुंच प्रदान करता है.

अंतरिक्ष में दूसरे भारतीय
इस मिशन के साथ शुक्ला 1984 में अंतरिक्ष में उड़ान भरने वाले राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले केवल दूसरे भारतीय बन गए हैं. लॉन्च दोपहर 12:01 बजे (IST) हुआ.
शुक्ला के मिशन का उद्देश्य
अपने 14 दिनों के प्रवास के दौरान वह अंतरिक्ष पोषण, खाद्य स्थिरता और बीज पुनर्जनन पर केंद्रित कई अत्याधुनिक प्रयोग करेंगे. शुभंशु शुक्ला की यह यात्रा भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो देश को अंतरिक्ष अनुसंधान और अन्वेषण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने में मदद करेगी.


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