
Bank locker : अपने सभी जरूरी दस्तावेज और समान सुरक्षित रहे, इसी वजह से लगभग सभी कस्टमर्स अपने सामानों को बैंक लॉकर में रखते हैं। लेकिन आपके बैंक लॉकर में रखे हुए जो समान है। यह लॉकर में पड़े हुए ही बर्बाद हो जाएं, तो फिर इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। उदयपुर में पीएनबी बैंक में हुई घटना के बाद से सारे लोग है। जिनको यह सवाल परेशान कर रहा है। यह पर बैंक लॉकर में रखे हुए हजारों रु को दीमक चट कर गई। बैंक लॉकर में ग्राहक के सवा 2 लाख रुपये रखे हुए थे। जब ग्राहक को पैसे की जरूरत पड़ी तो फिर यह पैसे को निकालने के लिए बैंक पहुंचा। जब उसने लॉकर को खोल कर देखा, तो फिर उसके होश उड़ गए। नोटों की गड्डियां पाउडर बन गई थीं। नोटों को दीमक चट कर गई थी। ऐसे में नुकसान की भरपाई कौन करेगा। बैंक की क्या कोई जिम्मेदारी नहीं, तो चलिए जानते हैं इसके बारे में।
नियम इस वर्ष से बदल गए
नए लॉकर रूल्स भारत में 1 फरवरी 2023 से लागू हो गए है। इन नियम में ग्राहकों के लॉकर में रखे नियम को और मजबूत किया गया है। यह जो नए नियम है। यह नियम कस्टमर्स के लिए बहुत लाभदायक हो सकते है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने बैंकों को 1 जनवरी से मौजूदा लॉकर ग्राहकों के साथ लॉकर एग्रीमेंट को रिन्यू करने के लिए कहा था। चलिए जानते है कि यह नियम क्या है।
मुआवजा देना होगा बैंक को
बैंक लॉकर में जो समान रखा गया है। अगर रखे गए समान में बैंक की लापरवाही की वजह से कोई भी नुकसान पहुंचता है, तो फिर इसके लिए मुआवजा भी बैंक को देना होगा। आरबीआई के नए मानकों में इस प्रावधान को रखा गया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नए नियमों के मुताबिक, यह जिम्मेदारी बैंकों की है। कि लॉकर और बैंक परिसर की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं।
लेनी होगी जिम्मेदारी और वार्षिक किराए का 100 गुना तक मुआवजा
आरबीआई के नियमों के मुताबिक, बैंक लॉकर में रखे हुए सामान को अगर कोई भी नुकसान होता है, तो फिर इसकी जिम्मेदारी बैंक को लेनी होगी। अगर बैंक की लापरवाही के कारण लॉकर में रखी में रखे हुए सामग्री को नुकसान होता है, तो बैंक को मुआवजा देना होगा। अगर हम मुआवजे की बात करें, तो फिर यह मुआवजा लॉकर के जो वार्षिक किराया है। इसका 100 गुना तक हो सकता हैं।
नहीं मिलेगा मुआवजा इन मामलों में
अगर प्राकृतिक आपदा के कारण बैंक लॉकर में रखे हुए सामान को कोई नुकसान पहुंचता है, तो फिर बैंक की जिम्मेदारी नहीं होगी। अगर लॉकर में रखे सामान को ग्राहक की लापरवाही के कारण कोई नुकसान पहुंचता है, तो फिर इसके लिए भी बैेक की जिम्मेदारी नहीं होगी।
क्या होगा दीमक लगने के मामले में
उदयपुर के पीएनबी ब्रांच में जो दीमक की घटना सामने आई है। इसके बाद दूसरे लॉकर्स में भी दीमक होने की आशंका है। इसको जताया जा रहा है। अगर ऐसा होता है, तो फिर यह बैंक की लापरवाही सिद्ध होगी ऐसे में जो नुकसान का मुआवजा है। इसको बैंक को देना पड़ सकता है।


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