No Fly List: इन दिनों बजट सेशन चल रहा है, 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश कर दिया है, जिसके बाद न्यू इनकम टैक्स बिल को लेकर काफी ज्यादा बात चित हो रही है।
सदन में नागरिक उड्डयन मंत्रालय की तरफ से डेटा साझा किया गया जिसमें बताया गया कि बीते 3 साल के अंदर 255 यात्रियों को एयरलाइन्स ने नो फ्लाइट लिस्ट में डाला है। हालांकि, सरकार का ये फैसला उनकी गलतियों की वजह से उठाना पड़ता है। चलिए आपको बताते हैं किस वजह से आम आदमी को इस लिस्ट में डाला जाता है।

आखिर क्या है ये नो फ्लाई लिस्ट
अगर इस शब्द पर गौर किया जाए तो इससे पता चलता है कि कोई ऐसी चीज जिसमें कोई उड़ान न भर पाए। अगर इस शब्द को सही मायने में देखा जाए तो एयरलाइन इस फैसले को जब लेती है जब कोई शख्स एयरलाइन में यात्रा करते समय किसी तरह की गलती करता है और फ्लाइट स्टाफ के साथ किसी भी तरह की बदतमीजी करता है तो ऐसे समय में एयरलाइन को नो फ्लाइट लिस्ट करने का फैसला लेना पड़ता है।
कुछ दिनों पहले एयरलाइन ने एक ऐसा ही फैसला लिया था जिसमें एक व्यक्ति नशे की हालत में बुजुर्ग महिला पर पेशाब कर दिया था जिसके बाद एयरलाइन ने उस व्यक्ति को नो फ्लाइट लिस्ट में डाल दिया था। अगर एयरलाइन की तरफ से इस फैसले को अगर किसी व्यक्ति के ऊपर ले लिया जाता है तो कभी भी प्लेन से सफर नहीं कर सकता है।
सदन में नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जानकारी में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक इस लिस्ट में साल 2024 में 82 लोगों को शामिल किया गया है। हालांकि, इससे पहले साल 2023 पर नजर डालें तो इसकी संख्या 63 थी। राज्यसभा में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने जानकारी साझा करते हुए कहा कि इन सभी यात्रियों को कई अलग-अलग मामलों की वजह से इस लिस्ट में शामिल किया गया है क्योंकि इन लोगों का फ्लाइट स्टाफ के साथ गलत रवैया पेश आया था।
ऐसे कर सकते हैं अपील
जब भी इस तरह का मामला सामने आए तो आपके पास एयरलाइन्स के आदेश जारी होने की तारीख से 60 दिनों के अंदर मंत्रालय की तरफ से बनी टीम के पास पहुंचकर अपना पक्ष रख सकते हैं, और अपने ऊपर लगे हुए बैन से जुड़ी सारी बात चित कर सकते हैं, जिसके बाद आप अपने ऊपर लगे हुए बैन को हटवाने की भी बात कर सकते हैं।


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