US Hire Bill: अमेरिका में विदेशी लोगों को काम करने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अमेरिकी संसद ने एक ऐसा बिल पेश किया है, जिससे अमेरिकी कंपनियों पर दूसरे देशों के काम करने वाले लोगों की निर्भरता कम हो जाएगी।

विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने वाली अमेरिकी कंपनियों के पूरे परिदृश्य में बदलाव आने की उम्मीद है। एक अमेरिकी सांसद ने अमेरिकी कंपनियों को सस्ते वेतन की तलाश और विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त कम करने के लिए बिल पेश किया है। अमेरिकी कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग से बचाने के लिए बिल पेस किया है।
बिल का मकसद क्या है?
सीनेटर बर्नी मोरेनो ने हाल्टिंग इंटरनेशनल रिलोकेशन ऑफ एम्प्लॉयमेंट एक्ट (HIRE ACT) नामक एक बिल पेश किया है, जिसका उद्देश्य अमेरिकी कंपनियों को कम वेतन की मांग करने और विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने से हतोत्साहित करके आउटसोर्सिंग को रोकना है।
HIRE ACT 2025 क्या है?
HIRE ACT आउटसोर्सिंग पेमेंट पर 25% टैक्स लगाने का प्रस्ताव करता है, जिसे किसी अमेरिकी कंपनी या टैक्सपेयर्स द्वारा किसी विदेशी व्यक्ति को पेमेंट की गई राशि के रूप में परिभाषित किया गया है, जिसका काम अमेरिका में उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाता है। इसके अलावा अमेरिकी फर्मों को इस पेमेंट पर टैक्स लाभ लेने की अनुमति नहीं होगी। HIRE ACT में कहा गया है कि किसी भी आउटसोर्सिंग पेमेंट पर कोई कटौती नहीं की जाएगी।
कौन प्रभावित होगा?
इस बिल के दायरे में IT सर्विस, BPO, कंसल्टिंग, जीसीसी (ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर) और फ्रीलांसिंग सर्विस देने वाले व्यक्ति शामिल हैं। भारतीय IT सेवा सर्विस इस नए अधिनियम का मुख्य लक्ष्य होंगे, क्योंकि अकेले अमेरिका IT एक्सपोर्ट रेवेन्यू में 70% का योगदान देता है। केवल भारत ही नहीं, आयरलैंड, इजराइल, पोलैंड और फिलीपींस जैसे देश भी इस नए बिल से प्रभावित होंगे।
HIRE बिल कब पारित होगा?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अगर यह बिल 31 दिसंबर, 2025 से पहले पारित हो जाता है, तो 1 जनवरी, 2026 से अमेरिकी कंपनियों द्वारा किए गए विदेशी भुगतानों पर 25% टैक्स लगेगा।


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