नई दिल्ली, अगस्त 11। अभी कुछ दिन पहले सेंट्रल इंडस्ट्रीयल सिक्योरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) ने लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सैटेलाइट फोन के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। इस शख्स को लखनऊ से वाया मुंबई दुबई जाना था। सीआईएसएफ ने चेकिंग के दौरान उसके पास से सैटेलाइट फोन बरामद किया। भारत में आम आदमी के लिए सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल वर्जित है। चलिए आज हम आपको बताते हैं कि सैटेलाइट फोन क्या होता है?, कौन इसे यूज कर सकता है? और यह काम कैसे करता है।
क्या है सैटेलाइट फोन
सैटेलाइट फोन का सीधा मतलब है कि ऐसा फोन जिसमें नेटवर्क सैटेलाइट के माध्यम से मुहैया कराया जाता है। सैटेलाइट फोन से आम नेटवर्क के फोन से कनेक्ट नहीं किया जा सकता, इससे केवल सैटेलाइट फोन से ही संपर्क किया जा सकता है। सैटेलाइट के सिग्नल को स्प्रेड करने के लिए टॉवर की जरूरत नहीं होती है। सैटेलाइट फोन अंतरिक्ष में भेजे गए उपग्रह के माध्यम से एक दुसरे से जुड़े होते हैं।
काम कैसे करता है
सभी भेजे गए सैटेलाइट अर्थ के ऑरबिट में चक्कर लगाते हैं। सैटेलाइट धरती पर लगे रिसीवर को रेडियो सिग्नल भेजते हैं। सिग्नल मिलने के बाद रिसीवर सेंटर सैटेलाइट फोन को सिग्नल ट्रांसमिट करता है। सिग्नल ट्रांसमिट के माध्यम से ही एक सैटेलाइट फोन और दुसरे सैटेलाइट फोन के बीच कम्यूनिकेशन हो पाता है। सैटेलाइट फोन को बोलचाल की भाषा में सैट फोन भी कहा जाता है। पहले सैटेलाइट फोन में कॉलिंग और मैसेजिंग की भी सुविधा मिलती थी लेकिन अब इसमें इंटरनेट का इस्तेमाल भी होता है।
किसे है इस्तेमाल करने की अनुमति
भारत में आम लोगों सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सैटेलाइट फोन के सामान्य इस्तेमाल पर पबांदी लगाई थी। दूसरे देशों से भारतीय बंदरगाहों पर आवागमन करने वाले बड़े जहाजों में लोग सैट फोन का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन भारतीय क्षेत्र इन लोगों को भी सैट फोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं हैं। अगर कोई विदेशी यात्री दूसरे देश से सैटेलाइट फोन लेकर आता है, तो उसे इसकी जानकारी कस्टम को देनी होगी।
आपदा प्रबंधन एजेंसी, पुलिस, भारतीय रेल सेवा, सेना और दूसरी कई सरकारी एजेंसियों को सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल करने की इजाजत हैं। इसके अलावा सरकार से इजाजत लेने के बाद कई बड़े कॉरपोरेट्स भी सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल करते हैं।
सरकार देती है अनुमति
भारत सरकार के टेलीकम्यूनिकेशन डिपार्मेंट से अनुमति के बाद आप सैट फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं। बीएसएनएल ने 2017 में सैटेलाइट फोन की सुविधा शुरू की थी। लाइसेंस प्राप्त करने के बाद आप बीएसएनएल का सैटेलाइट नेटवर्क प्रयोग कर सकते हैं।
कितना आएगा खर्चा
सैटेलाइट फोन का उपयोग करना बहुत ही महंगा है। सैटेलाइट फोन से कुछ घंटे बात करने का खर्च लाखो में आ सकता है। बीएसएनएल ने सरकारी यूजर्स के लिए 18 रुपये प्रति मिनट का रेट तय कीया है। वहीं कमर्शियल यूजर्स के लिए बीएसएनएल ने 25 रुपये प्रति मिनट का चार्ज तय किया है। सैटेलाइट फोन से इंटरनेशनल कॉल की कीमत 250 रुपए प्रती मिनट तक है।
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