रेखा झुनझुनवाला पर इंसाइडर ट्रेडिंग का आरोप, आखिर क्या होता है ये? 10 पॉइंट्स में समझें पूरी कहानी | Explainer

Rekha Jhunjhunwala; Insider Trading : पिछले हफ्ते केंद्र की मोदी सरकार ने एक एतिहासिक फैसला लेते हुए ऑनलाइन मनी गेमिंग ऐप पर पाबंद लगा दी। दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) से यह बिल पारित होने और राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद अब यह कानून बन गया है।

Insider  Trading

ऑनलाइन मनी गेमिंग को लेकर संसद में बिल पेश किए जाने के बीच गेमिंग इंडस्ट्री से जुड़ी कई कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज हुई। जिससे निवेशकों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, संसद में इस बिल के आने से कुछ हफ्ते पहले ही देश की दिग्गज निवेशक रेखा झुनझुनवाला ने नज़ारा टेक में अपनी 7 फीसदी हिस्सेदारी 334 करोड़ रुपये में बेच दिए।

इस खबर के सामने आने के बाद अब इंसाइडर ट्रेडिंग के लेकर बहस छिड़ गई है। रेखा झुनझुनवाला पर इंसाइडर ट्रेडिंग के आरोप लगाए जा रहे हैं और कहा जा रहा है कि यह कैसे संभव हो सकता है कि ऑनलाइन गेमिंग से जड़ा बिल संसद में आने से ठीक पहले उन्होंने अपने सभी शेयर बेच दिए और खुद को नुकसान होने से बचा लिया।

1- टीएमसी सांसद ने झुनझुनवाला पर लगाया आरोप

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा ने निवेशक और एसेट मैनेजमेंट फर्म रेयर एंटरप्राइजेज की सह-संस्थापक रेखा झुनझुनवाला पर तीखा हमला बोला है और नाज़ारा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के संबंध में इनसाइडर ट्रेडिंग और बाजार में हेरफेर का आरोप लगाया है।

मोइत्रा ने एक्स पर नियामकों पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए लिखा, "यह साफ-साफ इनसाइडर ट्रेडिंग का मामला है। अमेरिका में होता तो वहां एसईसी सम्मन, फ़ोन और डिजिटल रिकॉर्ड सहित पूरी जांच होती लेकिन भारत में भक्त तालियां बजाते हैं जबकि सेबी सोता रहता है और नहीं... मैं अमेरिका में रहने नहीं जा रही हूं।"

2- इनसाइडर ट्रेडिंग क्या है? (What is insider trading?)

शेयर बाजार में इनसाइडर ट्रेडिंग का मतलब उन व्यक्तियों द्वारा शेयरों की खरीद या बिक्री करना है, जिनके पास किसी कंपनी के बारे में गैर-सार्वजनिक, भौतिक जानकारी तक पहुंच होती है। सरल शब्दों में कहें तो कोई ऐसी खबर या सूचना जिसके जानकारी सार्वजनिक होने के बाद कंपनी के शेयर की कीमत महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित हो सकती है लेकिन अगर आपके पास सूचना सार्वजनिक होने से पहले वह जानकारी पहुंच जाए और आप इसका अपने फायदे के लिए उपयोग कर लें तो यह इनसाइडर ट्रेडिंग कहा जाता है। क्योंकि इनसाइडर ट्रेडिंग उन लोगों को अनुचित लाभ देती है जिनके पास विशेषाधिकार प्राप्त जानकारी होती है, इसलिए यह भारत सहित अधिकांश देशों में अवैध है।

3- रेखा झुनझुनवाला का नाज़ारा टेक से समय पर शेयर बेचना

रेखा झुनझुनवाला जो नाज़ारा टेक्नोलॉजीज़ की एक प्रमुख शेयरधारक थीं, जिन्हें अपने दिवंगत पति राकेश झुनझुनवाला की हिस्सेदारी विरासत में मिली थी, उन्होंने ने संसद में गेमिंग से जुड़ा बिल आने से पहले अपनी पूरी हिस्सेदरी 334 करोड़ रुपये में बेच दी।

उन्होंने 13 जून, 2025 को बीएसई पर लगभग 13 लाख शेयर और एनएसई पर 14.2 लाख शेयर, औसतन ₹1,225 प्रति शेयर की कीमत पर बेचे। बीएसई और एनएसई, दोनों के बल्क डील डेटा के अनुसार, बेचे गए इन शेयरों का मूल्य उस समय ₹334 करोड़ था।

4- नज़ारा टेक में झुनझुनवाला की हिस्सेदारी

मार्च 2025 के अंत तक उनके पास कंपनी में 7.06 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। रेखा झुनझुनवाला और उनके दिवंगत पति राकेश झुनझुनवाला 2021 में कंपनी के बीएसई और एनएसई में लिस्ट होने से बहुत पहले से ही नज़ारा टेक के प्रमुख निवेशकों में शामिल थे। हालांकि, समय के साथ, इन दोनों निवेशकों ने नज़ारा टेक में अपनी हिस्सेदारी काफी कम कर दी थी।

5- पहली बार 1 फीसदी से कम हुई हिस्सेदारी

25 मार्च, 2021 से मार्च, 2025 तक नज़ारा टेक में झुनझुनवाला की हिस्सेदारी 10.82% से घटकर 7.06% हो गई। जून 2025 में, रेखा ने नज़ारा टेक में भारी बिकवाली की थी। ट्रेंडाइन के आंकड़ों के अनुसार, नज़ारा में झुनझुनवाला की हिस्सेदारी पहली बार 1% से नीचे आ गई है।

6- चार सत्र में नज़ारा टेक के शेयर 28 फीसदी गिरे

विधेयक को मंज़ूरी मिलने के बाद गेमिंग शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। 20 अगस्त से नाज़ारा के शेयरों में भारी गिरावट जारी है। पिछले हफ़्ते, 20 अगस्त को क्लोजिंग बेल पर शेयर लगभग 13% गिर गया, इसके बाद 21 अगस्त को 1.3% और 22 अगस्त को बीएसई पर 4.13% की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, 25 अगस्त को शेयर 12% और गिरकर 1,015.45 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गया। अब तक, चार सत्रों में, नाज़ारा टेक लगभग 28% गिर चुका है। यह नाज़ारा के निवेशकों के लिए एक बड़ा नुकसान है।

7- इन कंपनियों के शेयर भी गिरे

अपने गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स प्लेटफ़ॉर्म के लिए जानी जाने वाली कंपनी नाज़ारा टेक्नोलॉजीज़ समेत अन्य कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। ड्रीम स्पोर्ट्स (ड्रीम11), मोबाइल प्रीमियर लीग (एमपीएल), ज़ूपी, गेम्सक्राफ्ट और प्रोबो जैसी प्रमुख रियल-मनी गेमिंग कंपनियों को भी कई तरह के नुकसान उठाने पड़े हैं।

8- रियल मनी गेमिंग से कोई संबंध नहीं: कंपनी

इससे पहले 20 अप्रैल, 2025 को, कंपनी ने मीडिया रिपोर्टों पर स्पष्ट किया था कि नाज़ारा का रियल मनी गेमिंग (आरएमजी) व्यवसायों से कोई सीधा संबंध नहीं है। इसके नवीनतम वित्तीय आंकड़ों (Q1-26) के अनुसार, आरएमजी व्यवसाय द्वारा राजस्व और EBITDA में योगदान शून्य है। उस समय, नाज़ारा ने कहा था कि रियल-मनी गेम्स में उसका सीधा संबंध मूनशाइन में हिस्सेदारी के माध्यम से है, लेकिन इस सहयोगी कंपनी का राजस्व कंपनी के वित्तीय विवरणों में समेकित नहीं है और इसका कंपनी के रिपोर्ट किए गए राजस्व या EBITDA पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। सहयोगी कंपनी द्वारा लाभ और हानि के हिस्से के रूप में मूनशाइन द्वारा Q1-26 में कर-पश्चात लाभ (PAT) में योगदान ऋणात्मक है।

9- ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम, 2025

Online Gaming Ban: संसद से पारित और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मंजूरी मिलने के बाद ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन एंड रेगुलेशन बिल 2025 अब कानून बन गया है।

- इसके तहत ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवाओं पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। ऐसे गेम उपलब्ध कराने वालों को तीन साल तक जेल और एक करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान है।

- प्रचार करने वालों को दो साल की सजा और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। ड्रीम11, विंजो जैसे प्लेटफॉर्म्स ने परिचालन बंद कर दिया है। इन कंपनियों ने कहा कि नए कानून की सख्ती के बाद वे अपनी सेवाएं अब भारत में जारी नहीं रख सकते।

10- प्रधानमंत्री मोदी का विज़न

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विधेयक का समर्थन करते हुए समाज को हानिकारक प्रवृत्तियों से बचाने की दिशा में बड़ा कदम बताया था। उन्होंने कहा था कि यह कानून देश में ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देगा, लेकिन उन ऑनलाइन गेम्स को रोक देगा, जिनका सीधा असर लोगों की आर्थिक स्थिति और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है. गुडरिटर्न्स की ओर से निवेश की सलाह नहीं है. यह ब्रोकरेज की ओर से सलाह दी गई है. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर परामर्श करें.)

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