E20 Petrol: देश में अब एक नए पेट्रोल E20 को आगे बढ़ाने के लिए बहुत ज्यादा जोर दिया जा रहा है, लेकिन जिन लोगों के पास गाड़ियां वो लोग इस पेट्रोल से खुश नजर नहीं आ रहे। रिपोर्ट और सर्वे में सामने आया है कि E20 पेट्रोल के आने के बाद गाड़ी का माइलेज घट रहा है और पुरानी गाड़ियों में ज्यादा मेंटेनेंस की जरूरत पड़ रही है।

सर्वे में चौंकाने वाले नतीजे
LocalCircles द्वारा कराए गए एक सर्वे में 37 हजार से ज्यादा वाहन मालिकों ने हिस्सा लिया। रिपोर्ट के अनुसार:
लगभग 28% लोगों ने कहा कि उनकी गाड़ियों में असामान्य घिसावट हुई।
दो-तिहाई वाहन मालिकों ने माना कि माइलेज कम हो गया।
आधे से ज्यादा लोगों का कहना था कि अगर E20 पेट्रोल 20% सस्ता हो और विकल्प के तौर पर मिले, तो वे इसे अपनाने को तैयार हैं।
पुराने वाहनों पर ज्यादा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि जो गाड़ियां 2022 या उससे पहले खरीदी गई थीं, उन पर इसका असर ज्यादा है। इन वाहनों को E10 पेट्रोल के हिसाब से बनाया गया था। अब E20 का इस्तेमाल करने से माइलेज करीब 5-7% तक घट सकता है और इंजन के हिस्सों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
कंपनियों का नजरिया
ऑटो कंपनियां भी इस मुद्दे पर खुलकर बोल रही हैं।
Jeep के यूज़र मैनुअल में साफ लिखा है कि 10% से ज्यादा इथेनॉल वाला ईंधन इंजन को नुकसान पहुंचा सकता है।
TVS Motors का कहना है कि पुराने मॉडल्स में E20 का इस्तेमाल करने से पहले तकनीकी बदलाव जरूरी होंगे।
Tata Motors ने दावा किया कि उनकी कुछ कारें पहले से E20-रेडी हैं।
Maruti Suzuki और Hyundai ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
सरकार का दावा
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अब तक E20 की वजह से किसी वाहन को गंभीर नुकसान की रिपोर्ट नहीं मिली। वहीं, पेट्रोलियम मंत्रालय का मानना है कि कई नई गाड़ियां पहले से ही E20 के लिए तैयार हैं और आने वाले समय में यह ईंधन आम बात हो जाएगा।
आम लोगों की दिक्कतें
सरकार भले ही आश्वस्त कर रही हो, लेकिन जमीन पर तस्वीर अलग है।
कई कार मालिकों का कहना है कि माइलेज लगातार गिर रहा है।
मेंटेनेंस और रिपेयरिंग का खर्च बढ़ गया है।
दिल्ली में प्रीमियम पेट्रोल ₹160 प्रति लीटर बिक रहा है, जिससे लोगों की जेब और भी ढीली हो रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता में स्टैंडर्ड पेट्रोल और XP95 में भी 20% इथेनॉल मिला हुआ है।
तकनीकी बदलाव की जरूरत
विशेषज्ञों के अनुसार, E20 का सही इस्तेमाल तभी संभव है जब गाड़ियों में कुछ अपडेट किए जाएं। इसमें इंजन की सील और गैस्केट को मजबूत करना, फ्यूल लाइन में बदलाव, इंजन कंट्रोल यूनिट को एडजस्ट करना और फ्यूल सेंसर को अपग्रेड करना शामिल है।
E20 पेट्रोल एक बेहतर पर्यावरणीय पहल है, लेकिन फिलहाल यह पुराने वाहनों के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है। जब तक कंपनियां तकनीकी सुधार और अपडेट नहीं करतीं, तब तक कार मालिकों को माइलेज और खर्च से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।


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