G20 Summit: भारत की राजधानी दिल्ली 9 और 10 सितंबर को जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगी। इस जी20 शिखर सम्मेलन के लिए चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग, अमेरिकी के राष्ट्रपति जो बाइडेन, तुर्किये राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन और अन्य सहित 25 से ज्यादा देशों के ग्लोबल लीडर सितंबर के दूसरे हफ्ते में भारत आएंगे।
जी20 ग्लोबल इकोनॉमी के बहुमुखी सेक्टर में मदद और विकास का एक प्रमुख उदाहरण है। यह हमारी इकोनॉमी के लिए अवसर प्रदान करता है, विशेष रूप से स्टार्टअप के लिए, साथ ही यह राष्ट्रों को इकट्ठा होने और नियमों पर बहस करने के लिए एक मंच प्रदान करता है।

स्टार्टअप20 एंगेजमेंट समूह भारत के नेतृत्व में गठित होने वाला अपनी तरह का पहला समूह था। यह इकोनॉमिक पिलर के रूप में स्टार्ट-अप के उदय का संकेत देता है और उन्हें टॉप प्रदर्शन पर स्थान प्रदान करता है, जो केवल बड़ी और स्थापित कंपनियों के पास था।
पिछले 5 सालों में इंडियन स्टार्टअप इकोसिस्टम में तेजी से वृद्धि देखी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मई 2023 तक हमारे पास 108 यूनिकॉर्न हैं, जिसका सामूहिक मूल्य 340.80 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। उनमें से 44 यूनिकॉर्न केवल 2021 और 2022 में सामने आए।
जारो एजुकेशन की सीईओ रंजीता रमन की तरफ से कहा गया है कि भारत में वर्ष 2023 जी20 शिखर सम्मेलन एडुटेक स्टार्टअप को नवाचारों को प्रदर्शित करने और ग्लोबल सहयोग बढ़ाने का एक प्रमुख अवसर प्रदान करता है।
मड्रेक्स के सीईओ और को फाउंडर एडुल पटेल ने कहा कि यह तीव्र ग्रोथ देश को तीसरे सबसे बड़े ग्लोबल स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में स्थापित करती है। इस साल जी20 शिखर सम्मेलन के मेजबान के रूप में भारत की अध्यक्षता टैक्सेशन, व्यापार नीतियों और नवीन नियमों सहित स्टार्टअप के लिए जरूरी पहलुओं को आकार देने की क्षमता रखती है।
उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन के नतीजे व्यापक मार्केट पहुंच और सहयोग की सुविधा प्रदान कर सकते हैं, जिससे निवेशकों का विश्वास के अवसर बढ़ेंगे।
उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर जी20 शिखर सम्मेलन का भारत के गतिशील स्टार्टअप परिदृश्य पर बेहतर प्रभाव पड़ने वाला है। स्टार्टअप एक गतिशील और व्यावहारिक अनुभव की उम्मीद कर सकते हैं।


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