नई दिल्ली। लॉकडाउन के दौरान जहां ज्यादातर चीजों के दाम बढ़ गए हैं, वहीं कुछ जरूरी सब्जियां सस्ती भी हो गई हैं। लेकिन ऐसा भी नहीं है कि सभी सब्जियां सस्ती हो गई है। अगर देश की मंडियों पर नजर डाली जाए तो लॉकडाउन के दौरान आलू और प्याज की आवक बढ़ने से इनकी कीमतों में नरमी आई है। वहीं टमाटर महंगा हो गया है। टमाटर ही नहीं, जल्द खराब होने वाली दूसरी साग-सब्जियों की आवक घटने से इनकी कीमतों में इजाफा हुआ है।
ये हैं रेट
उत्तर भारत की सबसे बड़ी सब्जी मंडी दिल्ली स्थित आजादपुर मंडी में आज टमाटर का थोक भाव 10 रुपये से लेकर 22 रुपये प्रति किलो था, जबकि पिछले बुधवार को टमाटर का भाव मंडी में 4 रुपये से लेकर 16 रुपये प्रति किलो था। महज 1 सप्ताह में टमाटर के थोक भाव में 6 रुपये प्रति किलो का इजाफा इसकी आवक में कमी की वजह से हो गया है। कारोबारियों के अनुसार, टमाटर की आवक घटने के कारण दाम बढ़ा है। आजादपुर कृषि उत्पाद विपणन समिति यानी एपीएमसी से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को मंडी में टमाटर की आवक 276.8 टन थी जबकि पिछले बुधवार को 777.8 टन थी।
आलू और प्याज सस्ता हुआ
वहीं आलू और प्याज की आवक बढ़ने से इनकी कीमतों में थोड़ी नरमी आई है। आजादपुर एपीएमसी की कीमत सूची के अनुसार, बुधवार को आलू का थोक भाव 8 रुपये से लेकर 18 रुपये प्रति किलो जबकि प्याज का भाव 5 रुपये से लेकर 16.50 रुपये प्रति किलो था। वहीं, पिछले बुधवार को आलू का थोक भाव 8 रुपये से लेकर 19 रुपये, जबकि प्याज का 5 रुपये से लेकर 17.50 रुपये प्रति किलो था। इस प्रकार आलू और प्याज के दाम में बीते एक सप्ताह के मुकाबले 1 रुपया प्रति किलो की नरमी आई है। आलू और प्याज के दाम में नरमी की वजह आवक में वृद्धि है। आलू की आवक बुधवार को 688.7 टन और प्याज की 688.5 टन थी जबकि बीते बुधवार को आलू और प्याज की आवक क्रमश: 451.9 टन 516.4 टन थी।
ये है कारण
कारोबारियों का कहना है कि आलू और प्याज खराब नहीं होने वाली सब्जी है और इन्हें कुछ दिनों तक स्टोर में रखा जा सकता है, जबकि टमाटर को ज्यादा दिनों तक नहीं रखा जा सकता है, इसलिए इसकी आवक कम रहती है। एक कारोबारी ने बताया कि मंडी में उठाव कम है इसलिए आढ़ती खराब होने वाली सब्जियां ज्यादा नहीं मंगाते हैं।


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