WeWork files bankruptcy in America: दुनिया भर में ऑफिसों के लिए कमर्शियल स्पेस मुहैया कराने वाली अमेरिकी कंपनी WeWork Global ने न्यू जर्सी में चैप्टर 11 के तहत दिवालियापन के लिए आवेदन किया है। ब्लूमबर्ग ने इस संबंध में एक खबर जारी की है। न्यूयॉर्क स्थित इस कंपनी की वैल्यू एक समय पर 47 बिलियन डॉलर हो गई थी। लेकिन बाद में कंपनी दिक्कतों में घिरती चली गई और दिवालियापन की स्थिति तक आ गई।
वहीं कंपनी ने दिवालिया होने की खबरों के आने के कुछ दिन पहले कहा था कि अगर कंपनी बैंकरप्सी फाइल भी करती है तो इसका WeWork India के कारोबार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। WeWork India के भारत के 7 शहरों- नई दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद में 50 सेंटर हैं।

आज से 5 साल से पहले WeWork की वैल्यूएशन करीब 50 बिलियन डॉलर आंकी गई थी। कंपनी का आईपीओ उस समय सबसे लोकप्रिय था। लेकिन इस वक्त कंपनी के शेयर का दाम आईपीओ के बाद से करीब 99.8 प्रतिशत टूट चुका है।
जहां तक कर्ज की बात है तो कंपनी के आंकड़ों पर नजर डालें तो जून महीने के आखिर तक कंपनी पर 2.9 अरब डॉलर का नेट लॉन्ग टर्म कर्ज था। इसके अलावा लॉन्ग टर्म लीज में 13 अरब डॉलर से अधिक थे।
वहीं इससे पहले इससे पहले, ब्लूमबर्ग ने रिपोर्ट किया था कि WeWork लेनदारों से बैलेंस शीट में सुधार को लेकर और रियल एस्टेट को तर्कसंगत बनाने के लिए एक समझौता किया था। इस बात की जानकारी कंपनी ने 31 अक्टूबर को नियामक फाइलिंग में दी थी।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने ब्लूमबर्ग को बताया था कि यह समझौता "हमारे प्रमुख वित्तीय हितधारकों के साथ सकारात्मक बातचीत जारी रखने और हमारी पूंजी संरचना को बढ़ाने के लिए हमारे चल रहे रणनीतिक प्रयासों को लागू करने के लिए उनके साथ जुड़ने का समय प्रदान करेगा।"
WeWork की शुरुआत 2010 में शुरुआत वेंचर कैपिटल (VC) बूम के दौरान हुई थी। कंपनी की स्थापना सह-संस्थापक एडम न्यूमैन ने की थी। कंपनी ने अरबों डॉलर जुटाए और साल-दर-साल राजस्व दोगुना कर दिया। इसके बाद देखते ही देखते कंपीन एक वैश्विक कंपनी बन गई। एक समय यह अमेरिका का सबसे मूल्यवान स्टार्ट-अप था।
अगस्त में, WeWork ने चेतावनी दी थी कि कंपनी के दिवालिया होने की आशंका है। उस वक्त कंपनी के शेयरों का रेट शून्य के करीब पहुंच गया था। यह स्थिति तब बनी थी जब कंपनी ने एक बयान में कहा था कि व्यवसाय में बने रहने की उसकी क्षमता के बारे में पर्याप्त संदेह है, क्योंकि नकदी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इन सबके बीच मई में सीईओ संदीप मथरानी और अगस्त 2023 में तीन बोर्ड सदस्यों सहित कई अधिकारियों ने कंपनी छोड़ दी थी।
जहां तक कंपनी के कारोबार की बात है तो यह ऑफिस स्पेश को लम्बे समय के लिए पहले किराए पर लेती थी और बाद में उसे खुद किराए पर उठाती थी। दोनों के किराए का डिफरेंस की कंपनी का फायदा था।
More From GoodReturns

399 रुपये से कम में बेस्ट OTT प्लान: Jio, Airtel और Vi में से कौन सा है पैसा वसूल?

Vi का 859 रुपये वाला धांसू प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी और अनलिमिटेड डेटा, क्या आपको मिला यह ऑफर?

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: आज आपके शहर में क्या है कीमत? जानें पूरा गणित

IMD अलर्ट: भारी बारिश में गाड़ी-घर का नुकसान? क्लेम पाने का आसान तरीका

9 सितंबर को सोने के दाम: क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा भाव

Gold and Silver Price Today: 7 सितंबर को सोने-चांदी के भाव क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा रेट

आज 8 सितंबर को सोने के भाव में आई नरमी, क्या खरीदारी का है सही मौका? जानें 22 और 24 कैरेट के ताजा रेट

NSE प्री-ओपन ऑक्शन में बड़ा बदलाव: 7 सितंबर से बदलेंगे नियम, जानें निवेशकों पर क्या होगा असर?

रविवार को सोने-चांदी के भाव स्थिर: क्या आज खरीदारी करना है सही फैसला? जानें 22K-24K के ताजा रेट्स

मुंबई लोकल मेगाब्लॉक: आज वेस्टर्न और सेंट्रल लाइन पर बड़ा असर, घर से निकलने से पहले देखें टाइमिंग



Click it and Unblock the Notifications
