Web 3.0 Version: कुछ ही समय में इंटरनेट का नया वर्जन वेब 3 आने वाला है। यह डिसेंट्रलाइज्ड ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इस इंटरनेट के नए वर्जन से देश में हाई सैलेरी वाली 20 लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा करने की कैपेसिटी है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि इसका इस्तेमाल बहुत ही बड़े स्तर पर मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में किया जा रहा है। ऐसा एक रिपोर्ट में इस बात का अनुमान लगाया गया है। आपको बताते चलें की एक रिपोर्ट के मुताबिक अभी भारत में 900 से ज्यादा इंटरप्राइज वेब 3 सेक्टर में हैं।
साल 2022 में वेब 3 डेवलपर कम्युनिटी में ग्लोबल लेवल पर यह 11 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। इसी वजह से भारत पूरे विश्व में डेवलपर्स की तीसरी सबसे बड़ी संख्या वाला देश बन गया है।

वेब 3 के आने से इसका असर कई सेक्टर पर पड़ने वाला है, जो उन्हें पूरी तरह से ट्रांसफार्म कर देगा। रिपोर्ट के मुताबिक वेब 3 का बड़ा इस्तेमाल वोटिंग सिस्टम, आईडेंटिटी मैनेजमेंट, सप्लाई चैन मैनेजमेंट, हेल्थकेयर प्राइवेसी, एजुकेशन और एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट पर पड़ने वाला है। इसी वजह से वेब 3 इंटीग्रेशन इंप्लीमेंट करने के बाद यह इन सभी सेक्टर को सूरत को पूरी तरह से बदल कर रख देगा।
इंटरनेट का यह नया वर्जन टेक्नोलॉजी और प्लेटफार्म का एक ऐसा सेट है जो डिसेंट्रलाइज्ड सॉल्यूशन को लागू करने में मददगार साबित हो सकता है, जिससे स्टेकहोल्डर्स को जबरदस्त फायदा मिल सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक वेब3 के डेवलपमेंट के साथ इन सभी बातों की संभावनाएं एकदम स्पष्ट देख रही हैं। इस रिपोर्ट में साफ तौर पर भारत में इसके विस्तार और ग्रोथ की संभावनाएं उजागर होती हैं।
हालांकि अभी तक वेब3 या वेब3.0 के वर्जन को लेकर लोगों के पास ज्यादा जानकारी नहीं है। लेकिन हम आपको बता दें कि यह इंटरनेट का अगला चरण है जो इस समय इस्तेमाल किया जा रहे वर्जन से कहीं ज्यादा अपडेटेड और पावरफुल होगा।
इस टेक्नोलॉजी पर करेगा काम
इसमें डिसेंट्रलाइज्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। अगर आज के परिपेक्ष में आप इसके उदाहरणों को समझना चाहते हैं, तो क्रिप्टोकरंसी, एनएफटी और मेटावर्स इसका बेहतरीन उदाहरण हैं। इंटरनेट के इस नए वर्जन का उपयोग खास तौर पर मशीन लर्निंग को और बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भी होगा इसका इस्तेमाल
इंटरनेट के इस नए वर्जन का इस्तेमाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भी किया जा रहा है। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि इस इंटरनेट के अगले वजन से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ज्यादा बेहतर एक्यूरेट और पावरफुल हो जाएगा, साथ ही यह लोगों के काम करने की क्षमता को बढ़ा देगा।
बिल गेट्स ने एआई डेवलेपमेंट को लेकर कही ये बात
दुनिया के टॉप 5 अरबपतियों में शुमार बिल गेट्स ने कुछ दिन पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के डेवलपमेंट को लेकर एक बात कही थी। बिल गेट्स ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी आने वाले समय में और बेहतर होने जा रही है। इस वजह से यह आपके काम को काफी ज्यादा आसान बना देगा और आगे आने वाले समय में शायद प्रोफेशनल्स को हफ्ते में बस तीन दिन ही काम करना पड़े।
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