नई दिल्ली, जुलाई 15। जारी आकड़ो के अनुसार, कई आवश्यक मसालों, आलू, टमाटर और लाल और हरी मिर्च दोनों का उत्पादन 2020-21 की तुलना में 2021-22 में कम रहने का सम्भावना है। बागवानी फसल और क्षेत्र के आंकड़ों के दूसरे अनुमान से यह पता चलता है कि फलों, सब्जियों और शहद के उत्पादन में सामान्य बढ़ोतरी की उम्मीद है, जबकि मसाले, फूल और पौधों और रोपण फसलों के उपज में पिछले वर्ष की तुलना में कमी होगी। हालांकि, आंकड़ों के अनुसार, 2021-22 में कुल बागवानी उत्पादन 341.63 मीट्रिक टन (एमटी) होने का अनुमान है, जो 2020-21 के उत्पादन में लगभग 7.03 मीट्रिक टन वृद्धि है।
प्याज, आलू, हरी मिर्च का उत्पादन
प्याज का उत्पादन 2020-21 में 26.64 मीट्रिक टन के मुकाबले 31.70 मीट्रिक टन होने का उम्मीद है। 2020-21 में 56.17 मीट्रिक टन की तुलना में आलू का उत्पादन 53.58 मीट्रिक टन होने की उम्मीद है, जबकि 2020-21 में 21.18 मीट्रिक टन की तुलना में टमाटर का उत्पादन 20.34 मीट्रिक टन होने की उम्मीद है। हरी मिर्च के लिए, यह पिछले साल 4.3 मीट्रिक टन की तुलना में इस वर्ष 4.2 मीट्रिक टन होने की उम्मीद है, जबकि लाल मिर्च का उत्पादन पिछले वर्ष 1.8 मीट्रिक टन के मुकाबले 2 मीट्रिक टन होने की उम्मीद है।
बाजार में मौजूदा उपज अक्टूबर तक उपयोग में
व्यापारी संघ के प्रमुख राजेंद्र शर्मा ने कहा, ये मार्च 2022 तक के आंकड़े हैं जो सरकार अभी जारी कर रही है। हमारे पास बाजार में जो कुछ भी है अप्रैल, मई और जून का है, इसलिए कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए। राजेंद्र शर्मा (जो दिल्ली के फेडरेशन ऑफ फ्रूट एंड वेजिटेबल ट्रेड एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष भी हैं) ने यह भी कहा कि बाजार में मौजूदा उपज अक्टूबर तक उपयोग में रहेगी।
फलों का उत्पादन
आंकड़ों के अनुसार फलों का उत्पादन 2020-21 में 102.5 मिलियन टन की जगह में 107.10 मीट्रिक टन होने का अनुमान है, जबकि सब्जियों का उत्पादन 2020-21 में 200.45 मीट्रिक टन की तुलना में 204.61 मीट्रिक टन होने का अनुमान है। मसालों में अजवाइन, इलायची, दालचीनी, धनिया, जीरा, जायफल और काली मिर्च का उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में कम रहने का अनुमान है। कृषि विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि सभी प्रमुख वृक्षारोपण फसलों - सुपारी, काजू और नारियल का उत्पादन भी पिछले वर्ष की तुलना में कम होने का अनुमान है।


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