
UP government's decision in the interest of farmers : उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान झेलना उठाना पड़ा है। इसको लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को राहत की तत्परता से काम करें। सीएम योगी ने साथ ही निर्देश दिया कि बारिश से जिन किसानों की फसल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है, उसकी भी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ही की जाए। सीएम योगी ने कहा संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार किसानों के साथ खड़ी रहेगी। मार्च और अप्रैल की शुरुआत में ही प्रदेश के कई जिलों में हुई असमय वर्षा और ओलावृष्टि के कारण किसान और कृषि उपज पर दुष्प्रभाव पड़ा है।
इस बैठक में सीएम योगी ने कहा कि बरसात, तेज हवा, ओलावृष्टि और प्राकृतिक कारणों से गेहूं आदि की फसल खराब हो सकती है। इसके अलावा जो फसल पैदा हो रही है, उसकी गुणवत्ता पर भी असर पड़ने की आशंका है। ऐसे में उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसी फसल की भी न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत खरीद की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि इसके लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं की फसल के संभावित नुकसान के कारण इस वर्ष भूसे की कमी हो सकती है, ऐसे में पशुपालन विभाग समय से गोवंश चारे की व्यवस्था भी करे।

सीएम योगी ने साथ ही कहा है कि प्राकृतिक आपदा के कारण यदि किसी प्रदेशवासी की दुःखद मृत्यु होती है या फिर किसी व्यक्ति या जानवर के घायल होने की सूचना मिलती है, तो तत्काल पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दी जाए। इसके साथ ही सीएम योगी ने किसानों को मौसम पूर्वानुमान के बारे में समय से जानकारी पहुंचाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा यह पूर्वानुमान 24 से लेकर 48 घंटे का हो। ऐसी स्थिति में जबकि लोग अलर्ट होंगे तो क्षति भी कम होगी।
मार्च महीने में प्रदेश के कई जिलों में हुई असमय वर्षा और ओलावृष्टि के कारण किसान और कृषि उपज पर दुष्प्रभाव पड़ा है। बीते 24 घंटों में प्रदेश के करीब 9 जिलों में ओलावृष्टि की सूचना है। वही मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति अगले दो-तीन दिन और रहने की संभावना है। सीएम योगी ने इसके लिए सभी आवश्यक सतर्कता प्रबंध करने के निर्देश दिए है।


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