
Warren Buffett : हाल ही में बर्कशायर हैथवे के सीईओ वॉरेन बफे ने अपने बयान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की तुलना एटम बम के क्रिएशन से की है। वॉरेन बफे ने कंपनी की एनुअल मीटिंग में एआई टेक्नोलॉजी की रैपिड ग्रोथ और एआई टेक्नोलॉजी कैसे दुनिया को बदल सकती हैं। इसको लेकर परेशानी जताई है।
अमेरिका की मल्टीनेशनल कंपनी बर्कशायर हैथवे के सीईओ वॉरेन बफे ने दावा किया है कि सोचने और व्यवहार करने के तरीके को छोड़कर एआई दुनिया में सब कुछ बदल सकता है।
उनका मानना है कि एआई की अपनी एक सीमा हैं, जैसे की यह एक चुटकुले सुनाने में असमर्थ है। हालांकि, एआई की सभी प्रकार के कार्य करने की क्षमता को माना है और इस पर उन्होंने चिंता जाहिर की है। उन्होंने बताया कि उन्हें बिल गेट्स की सहायता से चैट जीपीटी का उपयोग करने का मौका मिला।
बफे के अनुसार, एआई की एटम बम के साथ तुलना आवश्यक है। वे काफी अधिक वक्त एसडी न्यूक्लियर वेपन्स के भी विरोधी रहे हैं। वॉरेन बफे ने कहा कि अगर उनको पता होता कि हमलों की संभावना को कैसे कम किया जा सकता है, तो फिर इसके लिए वे अपना सारा पैसा दे देते।
उन्होंने कहा कि सेकेंड वर्ल्ड वॉर के वक्त एटम बम का क्रिएशन आवश्यक था, लेकिन इससे बनने से दुनिया में एक बेहद बड़ी सकती आ गई। जिसने सब कुछ ही बदल दिया है। बस इसके शिवाय इसके कि लोग कैसे सोचते हैं और व्यवहार करते है तो फिर क्या ये दुनिया के लिए अच्छा है।
बर्कशायर हैथवे के सीईओ वॉरेन बफे ने कहा कि एआई के शॉर्ट टर्म बेनिफिट्स के बजाय इसके लॉन्ग टर्म रिजल्ट्स के बारे में सोचने की जरिए पर जोर दिया है। बफे के अलावा उन लोगों ने भी एआई को लेकर चिंता व्यक्त की है, जो इसके डेवलपमेंट में शामिल थे।


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