नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'इंडिया कोविड-19 इमरजेंसी रेस्पोंस एंड हेल्थ सिस्टम प्रीपेयर्डनेस पैकेज' के लिए 15,000 करोड़ रुपये के महत्वपूर्ण आवंटन को मंजूरी दी है। इस फंड का इस्तेमाल तीन चरणों में किया जाएगा। इसमें से तत्काल कोविड-19 इमरजेंसी रेस्पोंस के लिए 7,774 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि बाकी राशि मध्यम अवधि सपोर्ट (1-4 वर्ष) के लिए होगी। सरकार की तरफ से जारी किए गए बयान के अनुसार इस पैकेज के मुख्य उद्देश्यों में डायग्नोस्टिक्स और कोरोना से उपचार फैसिलिटीज का डेवलपमेंट, कोरोना से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए जरूरी मेडिकल उपकरण और दवाएं एवं भविष्य में भी कोराना से महामारियों से बचाव और इसके लिए तैयारी शामिल है। इन उपायों से भारत में कोरोना के फैलने की रफ्तार को धीमा और सीमित करने के लिए आपातकालीन रेस्पोंस तेज किया जाएगा।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत होगा लागू
केंद्र सरकार ने साफ किया है कि इन कार्यक्रमों और पहलों को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत ही लागू किया जाएगा। अच्छी बात यह है कि पहले चरण में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, अन्य सभी मंत्रालयों के सहयोग से, पहले ही कई एक्टिविटीज शुरू कर चुका है। इसके अलावा कोविड-समर्पित अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्र में मौजूदा स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य / केंद्रशासित प्रदेशों को 3,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राहत पैकेज धनराशि जारी की गई है।
स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बीमा योजना
सामुदायिक स्वास्थ्य स्वयं सेवक (आशा) सहित सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों को कोरोना के मद्देनजर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत बीमा योजना के जरिए आर्थिक सुरक्षा दी गई है। बता दें कि सरकार ने बैंक कर्मचारियों और पोस्ट ऑफिस कर्मचारियों के लिए भी लाइफ कवर का ऐलान किया है। इसके अलावा कोरोना से निपटने के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई), एन95 मास्क और वेंटिलेटर, परीक्षण किट और उपचार में काम आने वाली दवाओं की खरीदारी की जा रही है।


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