स्कोडा ऑटो वोक्सवैगन इंडिया ने दिसंबर के मध्य से जनवरी के मध्य तक उत्पादन बंद करने का फैसला किया है, यह दूसरा महीना है जब Volkswagen के प्लांट में कोई उत्पादन नहीं होगा। इससे पहले, उसने अक्टूबर से मध्य नवंबर तक एक महीने के लिए अपने चाकन संयंत्र को बंद कर दिया था।
आपको बता दें कि घटती बिक्री के चलते कुछ महीनों से वोक्सवैगन कठिन दौर से गुजर रही है। कंपनी का निर्यात बाजार भी डाउन है। कंपनी का सालाना उत्पादन 2019 में घटकर 85,000 पर पहुंच गया है, जो आने वाले दिनों में कंपनी के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार दो दशक के बाद यह पहली बार है जब पैसेंजर व्हीकल्स मार्केट अपने बुरे दौर से गुजर रहा है। तो वहीं, अप्रैल से अक्टूबर तक वोक्सवैगन के इंजन में 11 प्रतिशत की कमी आई है। कंपनी का प्लान है कि 2020 के 17 वें हफ्ते तक नई जेनरेशन की कारों पर काम किया जाए।
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिर्पोट के अनुसार वोक्सवैगन इंडिया के प्रवक्ता का कहना है कि कंपनी 2.0 प्रोजेक्ट के तहत नेक्स्ट जेनरेशन प्रोडक्शन पर काम कर रही है। इसमें कई बदलाव भी किए जा रहे हैं, जिससे कंपनी के उत्पादन को आने वाले दिनों में बेहतर बनाया जा सकेगा।
आपको बता दें कि इससे पहले जापान की दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी होंडा अपने मानेसर स्थित प्लांट को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का फैसला ले चुकी है। कंपनी ने यह निर्णय कर्मचारियों की हड़ताल के बाद लिया था।
इस बारे में कंपनी का कहना है कि धरने में शामिल कुछ कर्मचारियों ने दुर्व्यवहार किया था, जिसके बाद कंपनी ने 650 कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया था। कंपनी ने अभी तक यह नहीं बताया है कि काम कब तक शुरू हो जाएगा। प्लांट के उच्च अधिकारी सैबल मैत्रा ने एक पत्र में कहा कि प्लांट में काम कब से शुरू होगा, यह कहना अनिश्चित है और इसकी जानकारी हालात सामान्य होने के बाद दे दी जाएगी।


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