Vodafone Idea AGR case: वोडाफोन आइडिया के शेयरों में 19 सितंबर को 9% की बढ़ोतरी हुई। जब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से 9,450 करोड़ रुपये की समायोजित सकल राजस्व (AGR) की मांग को लेकर टेलिकॉम कंपनी की चुनौती पर सुनवाई स्थगित कर दी, क्योंकि सरकार ने जवाब देने के लिए और समय मांगा था।

इस खबर से वोडाफोन आइडिया के शेयर 9% बढ़कर 8.56 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे थे।
सरकार ने कोर्ट में क्या कहा?
सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि चूंकि अब वोडाफोन आइडिया में केंद्र की हिस्सेदारी है। इसलिए उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने वाला समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने न्यायालय से आग्रह किया कि मामले को तत्काल विचार के लिए 26 सितंबर को फिर से लिस्ट किया जाए। केंद्र ने अदालत से कहा कि वोडाफोन आइडिया की याचिका का विरोध नहीं किया जा रहा है, कुछ समाधान की आवश्यकता है। सरकार भी एक इक्विटी होल्डर है। सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के अधीन कुछ समाधान की आवश्यकता हो सकती है।
कोर्ट से वोडाफोन की मांग
कंपनी ने टॉप अदालत में याचिका दायर कर दूरसंचार विभाग की 9,450 करोड़ रुपये की अतिरिक्त AGR बकाया राशि की मांग को खारिज करने का अनुरोध किया और तर्क दिया कि यह AGR देनदारियों पर अदालत के पिछले फैसले के दायरे से बाहर है। रिपोर्टों के अनुसार, दूरसंचार विभाग ने अपने रुख का बचाव करते हुए एक हलफनामा दायर किया, जिसमें कहा गया कि अतिरिक्त बकाया पिछले अकाउंटिंग से एक 'अंतर' दिखाती है और यह पुनर्मूल्यांकन नहीं है। विभाग का कहना है कि ये देनदारियां वित्तीय खातों के पूरा होने के बाद सामने आईं और सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले के दायरे में नहीं आतीं।
वोडाफोन का बकाया
9,450 करोड़ रुपये में से, 2,774 रुपये करोड़ विलय के बाद बनी यूनिट वोडाफोन आइडिया और आइडिया समूह - का अगस्त 2018 में हुए विलय के बाद का वित्त वर्ष 2018-19 का बकाया है। वहीं, 5,675 करोड़ रुपये विलय से पहले वाले वोडाफोन समूह का है।


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