नयी दिल्ली। वोडाफोन पीएलसी ने वोडाफोन आइडिया में 20 करोड़ डॉलर यानी करीब 1530 करोड़ रुपये का निवेश किया है। वोडाफोन पीएलसी वोडाफोन की पैरेंट कंपनी है। वोडाफोन आइडिया की हालत खराब है। कंपनी पर काफी कर्ज और सरकार को एजीआर चुकाने का दबाव है। ऐसे में इसके लिए ये निवेश काफी महत्वपूर्ण है जो कंपनी को कारोबार चलाए रखने में काम आएगा। वोडाफोन पीएलसी ने कहा है कि इसने वोडाफोन आइडिया में 20 करोड़ डॉलर का निवेश किया है, जो सितंबर 2020 में किया जाना था। वोडाफोन ग्रुप ने कहा कि उसके इस निवेश से उन लगभग 30 करोड़ भारतीय मोबाइल ग्राहकों को लाभ होगा जो वोडाफोन आइडिया के कस्टमर हैं। साथ ही इससे कोरोना महामारी के बीच कंपनी के कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य उपाय करने में मदद मिलेगी।

वोडाफोन ने कुछ एजीआर चुकाया
वोडाफोन पीएलसी ने कहा है कि अक्टूबर 2019 में समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) की परिभाषा पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद वोडाफोन आइडिया 14 साल का लाइसेंस शुल्क, जुर्माना और ब्याज देने के लिए उत्तरदाई हो गई है। वोडाफोन आइडिया ने एजीआर में से कुछ हिस्सा चुका दिया है। इस हफ्ते की शुरुआत में, वोडाफोन ग्रुप और आदित्य बिड़ला ग्रुप के संयुक्त उद्यम वोडाफोन आइडिया ने इस साल मार्च तिमाही के लिए लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (एसयूसी) भुगतान के लिए सरकार को लगभग 1,367 करोड़ रुपये का भुगतान किया।
शेयर में आई तेजी
वोडाफोन पीएलसी की तरफ से निवेश की खबर से वोडाफोन आइडिया के शेयर में तेजी आई। कंपनी का शेयर आज 15 फीसदी तक चढ़ा और आखिर में वोडाफोन आइडिया का शेयर बीएसई में 0.37 रुपये या 9.34 फीसदी की तेजी के साथ 4.33 रुपये पर बंद हुआ। इस भाव पर इसकी शेयर पूंजी 12,442.42 करोड़ रुपये है। वोडाफोन आइडिया के शेयर का पिछले 52 हफ्तों में सबसे ऊंचा भाव 17.70 रुपये और निचला स्तर 2.61 रुपये रहा है।
हाल ही में खबर आई थी कि वोडाफोन पीएलसी वोडाफोन आइडिया में कुछ नई पूंजी का निवेश कर सकती है। वोडाफोन के साथ ही आदित्य बिड़ला ग्रुप भी वोडाफोन आइडिया को डूबने से बचाने के लिए कुछ निवेश करने की खबर थी। करीब एक हफ्ते पहले आई खबर के अनुसार वोडाफोन ग्रुप के वोडाफोन आइडिया में 20-22.5 करोड़ डॉलर और आदित्य बिड़ला समूह के 12.5-15 करोड़ डॉलर तक निवेश करने की बात सामने आई थी।


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