भारत सरकार ने कोरोना वायरस संकट के बीच एक बड़े आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है। इस पर हर कोई अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है, इस बीच एक प्रतिक्रिया लंदन से भी आई है।
नई दिल्ली: भारत सरकार ने कोरोना वायरस संकट के बीच एक बड़े आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है। इस पर हर कोई अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है, इस बीच एक प्रतिक्रिया लंदन से भी आई है। जी हां भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या ने इस ऐलान पर केंद्र सरकार को बधाई दी, साथ ही ये भी कहा कि अब सरकार को उससे सारा पैसा वापस ले लेना चाहिए। विजय माल्या ने गुरुवार को एक ट्विट कर सरकार से गुहार लगाई कि वे 100 फीसदी बकाया कर्ज चुकाने के प्रस्ताव को स्वीकर करे और उसके खिलाफ सभी केसों को बंद कर दिया जाए।
माल्या पर करीब 9000 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का आरोप
विजय माल्या की ओर से ट्वीट किया गया कि मैं सरकार को कोरोना वायरस संकट के बीच रिलीफ पैकेज की बधाई देता हूं। वो जितना पैसा छापना चाहें छाप सकते हैं, लेकिन उन्हें मेरे जैसे एक छोटे सहयोगकर्ता को इग्नोर करना चाहिए, जो स्टेट बैंक का सारा पैसा वापस लौटाना चाहता है। शराब कारोबारी ने लिखा कि मुझसे सारा पैसा बिना शर्त के लिए लीजिए और मामला खत्म कीजिए। शराब कारोबारी विजय माल्या भारत में भगोड़ा घोषित किया जा चुका है, उसपर करीब 9000 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का आरोप लगा है। विजय माल्या लंबे वक्त से लंदन में ही है। लंदन की एक अदालत ने विजय माल्या को भारत प्रत्यर्पित किए जाने का आदेश सुनाया था, जिसके खिलाफ उसने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। इससे पहले एक बार विजय माल्या को हिरासत में भी लिया जा चुका था, लेकिन अभी वह ज़मानत पर है।
माल्या ने ट्विट के जरिए सरकार ने फिर लगाई गुहार
ब्रिटेन में भारत प्रत्यर्पण की कार्यवाही का सामना कर रहे शराब कारोबारी और किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक विजय माल्या ने कोरोना से लड़ाई में 20 लाख करोड़ रुपए का राहत पैकेज घोषित करने पर सरकार को बधाई दी। माल्या ने ट्विट में लिखा कि कोविड-19 राहत पैकेज के लिए सरकार को बधाई। वे जितनी चाहे करेंसी छाप सकते हैं, लेकिन मेरे जैसे छोटा योगदान देने वाले जो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का 100 फीसदी बकाया लोन देने चाहता है उसे निरंतर उपेक्षित किया जा सकता है।
माल्या केस के खास अपडेट
- विजय माल्या 2 मार्च 2016 को भारत छोड़कर लंदन पहुंचा।
- गृह सचिव ने 21 फरवरी 2017 को माल्या के प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन में अर्जी दी।
- विजय माल्या को 18 अप्रैल, 2017 को लंदन में गिरफ्तार किया गया है। लेकिन उसी दिन माल्या को जमानत भी मिल गई।
- 24 अप्रैल 2017 को माल्या भारतीय पासपोर्ट निरस्त कर दिया गया।
- 2 मई 2017 को उसने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया।
- 13 जून 2017 वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में केस मैनेजमेंट और प्रत्यर्पण की सुनवाई शुरू हुई।
- 10 दिसंबर 2018 को वेस्टमिंस्टर कोर्ट की मुख्य मजिस्ट्रेट एम्मा अर्बुथनोट ने प्रत्यर्पण दी और फाइल गृह सचिव को भेज दी।
- गृह सचिव ने 3 फरवरी 2019 को माल्या को भारत प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया।
- 5 अप्रैल 2019 को इंग्लैंड और वेल्स के हाईकोर्ट के न्यायाधीश डेविड ने अपील करने के लिए कागजात पर अनुमति देने से इनकार कर दिया।
- 2 जुलाई, 2019 को एक मौखिक सुनवाई में जस्टिस लेगट और जस्टिस पॉपप्वेल ने माल्या को अपील दाखिल करने की अनुमति दी।
- 20 अप्रैल 2020 को माल्या की अपील खारिज। प्रत्यपर्ण के अंतिम निर्णय के लिए मामला ब्रिटेन की गृह सचिव के पास भेजा गया।
इन बैंकों का कर्ज बकाया है माल्या पर
- भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई)
- बैंक ऑफ बड़ौदा
- कॉर्पोरेशन बैंक
- फेडरल बैंक लिमिटेड
- आईडीबीआई बैंक
- इंडियन ओवरसीज बैंक
- जम्मू एंड कश्मीर बैंक
- पंजाब एंड सिंध बैंक
- पंजाब नैशनल बैंक
- स्टेट बैंक ऑफ मैसूर
- यूको बैंक
- यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया
- जेएम फाइनैंशल एसेट रिकंस्ट्रक्शन


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