Vice President Jagdeep Dhankhar Admitted to AIIMS: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की देर रात अचानक तबीयत बिगड़ गई, बेचैनी और सीने में दर्द के चलते उन्हें रविवार रात करीब 2 बजे एम्स ले जाया गया। 73 वर्षीय उपराष्ट्रपति फिलहाल एम्स में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. राजीव नारंग की देखरेख में हैं।
एम्स पहुंचने पर उपराष्ट्रपति धनखड़ को क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) में भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई गई है। डॉक्टरों की एक टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है।

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को एम्स में भर्ती किया गया (Jagdeep Dhankhar News)
उपराष्ट्रपति के इलाज के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है। इस बोर्ड में अलग-अलग विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हैं जो उनकी देखभाल की निगरानी कर रहे हैं। टीम यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी लगन से काम कर रही है कि उन्हें सही से उपचार मिले।
उपराष्ट्रपति की अचानक तबीयत खराब होने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा एम्स पहुंचे। एम्स ने एक बयान जारी कर पुष्टि की है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को शारीरिक परेशानी के कारण भर्ती कराया गया है। उनकी हालत स्थिर बनी हुई है और जल्द ही उनके स्वास्थ्य के बारे में और जानकारी मिलने की उम्मीद है।
यह स्थिति नई दिल्ली में सामने आई, जहां उपराष्ट्रपति को रविवार सुबह तड़के एम्स ले जाया गया। मेडिकल टीम उनकी सेहत पर कड़ी निगरानी रख रही है और उनके स्वास्थ्य में सुधार की कोशिश कर रही है।
जगदीप धनखड़ का जन्म यहां हुआ (Jagdeep Dhankhar Health Condition)
उपराष्ट्रपति के स्वास्थ्य को लेकर लोगों की भी चिंताएं बढ़ गई हैं। मेडिकल बोर्ड का प्रयास उन्हें जल्दी और पूर्ण स्वस्थ होने को सुनिश्चित किय जाए। अगस्त 2022 से जगदीप धनखड़ देश के उपराष्ट्रपति हैं। इससे पहले वो पश्चिम बंगाल का राज्यपाल का पद संभाल चुके हैं। जगदीप धनखड़ का जन्म राजस्थान के झुंझुनू में 18 मई 1951 को हुआ था।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की स्कूली शिक्षा
कक्षा 1 से 5 तक सरकारी प्राथमिक स्कूल, किठाना में हुई। इसके बाद 1962 में चित्तौड़गढ़ के सैनिक स्कूल में प्रवेश लिया। स्कूली शिक्षा खत्म होने के बाद, उन्होंने जयपुर के राजस्थान यूनिवर्सिटी से संबद्ध महाराजा कॉलेज से बीएससी (ऑनर्स) की पढ़ाई की है। इसके बाद राजस्थान यूनिवर्सिटी में एलएलबी पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया और वर्ष 1978-1979 में उत्तीर्ण किया। 1979 से राजस्थान बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकित किया गया था। तीन साल बाद राजस्थान के उच्च न्यायालय से वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित और 30 जुलाई, 2019 को राज्यपाल के पद की शपथ लेने तक राज्य के वरिष्ठतम नामित वरिष्ठ अधिवक्ता थे।


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