Veg and non veg thali: खाने के शौकीन वालों के लिए अच्छी खबर है. क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक देश में वेज और नॉन वेज थाली की कीमत में गिरावट आई है. रिपोर्ट के अनुसार वेच थाली में 8 फीसदी की कमी और नॉन वेज थाली में 12 फीसदी की कमी आई है. वेज और नॉन वेज थाली की कीमतों में गिरावट के कई कारण बताए जा रहे हैं.

आजकल लोग रेस्टोरेंट में थाली लेना ही पसंद करते हैं. क्योंकि इसमें कम कीमत पर कई चीजे टेस्ट करने को मिल जाती है. देश में आम लोगों को महंगाई से थोड़ी राहत मिलती हुई नजर आ रही है. इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक अगस्त में वेज थाली की कीमत 31.2 रुपये थी, जो जुलाई में 32.6 रुपये के हिसाब से बेची जा रही थी.
इसके अलावा अगर नॉन वेज थाली की बात करें तो अगस्त में इसकी कीमत 59.3 रुपये थी. वेज थाली में 3 फीसदी की गिरावट हुई है. वेज और नॉन वेज थाली की कीमतों में गिरावट के कई कारण है
चिकन की कीमत हुई काम
नॉन वेज थाली में गिरावट का कारण चिकन की गिरती कीमत है. इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक चिकन की कीम 13 फीसदी घटी है. यह पता चला है कि नॉन वेज थाली में चिकन कम से कम 50 फीसदी तक होता है. ऐसा कहा जा रहा है कि पिछले 6 महीनों में मंहगाई दर सबसे कम रही है. यह दर 3.5 प्रतिशत दर्ज की गई है. जबकि देश की केंद्रीय बैंक भारतीय रिजर्व बैंक ने इस साल के दूसरे तिमाही का महंगाई दर 4.4 फीसदी तय किया था.
घटते टमाटर की कीमत ने किया असर
इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक टमाटर की घटती कीमत की वजह से वेज थाली की कीमत पर फर्क पड़ा है. अगस्त 2023 में टमाटर की कीमत 102 रुपये प्रति 1 ग्राम थी. जिसकी कीमत अगस्त 2024 में 50 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई है. टमाटर की कीमत पिछले साल के मुकाबले लगभग 50 फीसदी घटी है.
ऐसा कहा जाता है कि वेज थाली में टमाटर का योगदान 14 फीसदी तक रहता है. इसके अलावा वेज थाली की घटती कीमत का कारण दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों से आने वाली नई फसल भी बताई जा रही है.
वहीं एलपीजी भी इस साल सस्ता रहा है. पिछले साल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1103 रुपये थी और आज एलपीजी की कीमत 803 रुपये है. इन सभी घटती कीमतों की वजह से वेज थाली सस्ती हुई है.
वही देश की आम जनता को फुड इंफेलेशन से राहत मिली है.


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