Vedanta Share News: माइनिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता लिमिटेड ने ओडिशा को लेकर बड़ा ऐलान किया है. इसके तहत अनिल अग्रवाल की स्वामित्व वाली कंपनी राज्य में 1 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगी. यह राज्य में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है. इस बड़े पैमाने पर वित्तीय निवेश का मकसद 3 मिलियन टन एल्युमिनियम प्लांट के साथ-साथ 6 मिलियन टन प्रति वर्ष एल्युमिना रिफाइनरी का निर्माण करना है.
2 लाख नए रोजगार के बनेंगे अवसर
राज्य में इन प्रतिष्ठानों को अक्षय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करते हुए हरित एल्युमिनियम के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. वेदांता ने मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव 2025 रोड शो में इसकी घोषणा की. राज्य में भारी निवेश से 2 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
ओडिशा में यू.के. स्थित वेदांता रिसोर्सेज की सहायक कंपनी वेदांता द्वारा किया गया निवेश इस सेक्टर में कंपनी का पहला निवेश नहीं है. पिछले दो दशकों में वेदांता ने ओडिशा में 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश किया है. इससे राज्य में 1 लाख से ज्यादा नौकरियां मिली. राज्य में सबसे बड़े बॉक्साइट भंडारों में से एक सिजिमाली खदानों का अधिग्रहण किया गया है.

ओडिशा के विकास के लिए वेदांता का विजन
वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने नए निवेश के पर ने कहा कि ओडिशा ने हमेशा वेदांता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. हमारा निवेश राज्य के समावेशी विकास और बड़े पैमाने पर इंडस्ट्रियलाइजेशन को बढ़ावा देने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है. यह प्रयास केवल वेदांता की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के बारे में नहीं है, बल्कि ओडिशा में इकोनॉमिक इकोसिस्टम सिस्टम पोषित करने के बारे में भी है.
नए निवेश से वेदांता को ये फायदे
एल्युमिना रिफाइनरी और एल्युमिनियम प्लांट की स्थापना से एक बड़े इंडस्ट्रियल परिसर के निर्माण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे ऑटो, बिजली, निर्माण और रेलवे सेक्टर में डाउनस्ट्रीम इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा. वेदांता का अनुमान है कि एल्युमिनियम की बढ़ती मांग को देखते हुए यह उद्यम हजारों एमएसएमई के लिए दरवाजे खोलेगा, जिसके 2030 तक दोगुना होने की उम्मीद है.


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