Vande Bharat Sleeper Trains: यात्रियों के लिए एक बड़ी खबर आ चुकी है। देशभर के कई रूट पर वंदे भारत चलाने के बाद अब रेल मंत्रालय वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पर खास रूप से फोकस कर रहा है।
भारतीय रेलवे अगले दो महीनों में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू करने के लिए तैयार है और इन ट्रेन को 15 अगस्त तक ट्रायल रन के लिए पटरियों पर लाने की उम्मीद है।

आप जल्द कर पाएंगे वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में सफर
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों और तेजस एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में काफी बेहतर होने की उम्मीद है, और शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में तेज भी होंगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, भारतीय रेलवे अगले दो महीने में वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल शुरू कर सकता है और ट्रायल पूरा होने के बाद इस ट्रेन का संचालन छह महीने के बाद शुरू किया जा सकता है। इस समय सभी तकनीकी कार्य अंतिम चरण में हैं। ट्रेनसेट का निर्माण BEML लिमिटेड द्वारा बेंगलुरु में अपनी रेल इकाई में किया गया है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को राजधानी के तर्ज पर बनाया जा रहा है, जिसमें यात्रियों को तमाम सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। साल 2029 तक पूरे देश में 250 से अधिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाए जाने का प्लान है। इन ट्रेन के 15 अगस्त तक ट्रायल रन के लिए पटरियों पर आने की उम्मीद है।
इन रूट पर दौड़ेंगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को दिल्ली-मुंबई या दिल्ली-कोलकाता रूट में चलाया जा सकता है।
इस ट्रेन के कोचों का निर्माण आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत 100 फीसदी स्वदेशी तकनीक से हो रहा है। इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे। इसमें 11 थर्ड एसी, 4 कोच सेकंड एसी और 1 कोच फर्स्ट एसी की होंगी।
ये होगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की खासियत
सेंसर-आधारित इंटरकॉम दरवाजे और शांत केबिन वातावरण बनाने के लिए इन्सुलेशन होगा और अन्य सुविधाओं के अलावा, इसमें ऑटोमैटिक बाहरी यात्री दरवाजे, विकलांग यात्रियों के लिए विशेष बर्थ और शौचालय की सुविधा होगी।
इतनी रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन
वंदे भारत स्लीपर 160 किमी प्रति घंटे तक की गति से दौड़ेगी, और 180 किमी प्रति घंटे तक की गति पर इसका परीक्षण किया जाएगा। ट्रेन में कई सारी सुविधाएं यात्रियों को दी जाएंगी।
सीट के ऊपर ओवरहेड लाइटिंग होगी, कॉमन एरिया में सेंसर-आधारित लाइटिंग और गलियारे की आवाजाही को बेहतर बनाने के लिए फ़्लोर स्ट्रिप्स द्वारा नाइट लाइटिंग शामिल हैं। सुविधाओं के मामले में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों से ज़्यादा शानदार होंगी।
इस ट्रेन की बर्थों में अतिरिक्त कुशनिंग होगी, जो राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों से अधिक होगी, जिससे आरामदायक यात्रा का अनुभव सुनिश्चित होगा।
कितना है वंदे भारत का किराया?
आपको बता दें कि अभी तक इन ट्रेन का किराया तय नहीं हुआ है, हालंकि यह ट्रेन भारत में उच्च सुविधाओं से लैस होगी, ऐसे में माना जा रहा है कि इसका किराया राजधानी, शताब्दी जैसी ट्रेनों के किराये से 10 से 15 फीसदी अधिक हो सकता है। एसपीई तकनीक से लैस वंदे भारत ट्रेन की औसत रफ्तार बेहतर होने की उम्मीद है। इससे ट्रेन गंतव्य तक समय से तीन घंटे पहले पहुंचेगी।


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