Vande Bharat Sleeper Train: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से जुड़ी यात्रियों के लिए खुशखबरी आ गई है। ट्रायल रन के दौरान वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति प्राप्त करके एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ये ट्रायल पिछले तीन दिनों से चल रहा हैं और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल मई में ट्रेनें आम जनता के लिए शुरू होने की उम्मीद है। ट्रायल जनवरी के अंत तक समाप्त होने वाले हैं।

वंदे भारत ने तोड़ा रिकॉर्ड
2 जनवरी को वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने राजस्थान के बूंदी जिले के कोटा और लाबान के बीच 30 किलोमीटर की दूरी तय की है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को एक वीडियो शेयर किया, जिसमें दिखाया गया कि इन परीक्षणों के दौरान ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति हासिल की है।
वीडियो में यह भी दिखाया गया कि ट्रेन की अधिकतम गति बनाए रखने के दौरान एक गिलास पानी अभी भी स्थिर स्थिती में बना हुआ है।
रेल मंत्रालय ने बताया कि 1 जनवरी को रोहल खुर्द और कोटा के बीच 40 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए ट्रायल रन किया गया था। इस दौरान ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अपनी अधिकतम गति हासिल की। इसके अलावा, उसी दिन कोटा-नागदा और रोहल खुर्द-चौ महला सेक्शन पर 170 किलोमीटर प्रति घंटे और 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति दर्ज की गई।
जल्द शुरू होगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन
लखनऊ स्थित अनुसंधान डिजाइन एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) इन परीक्षणों की देखरेख कर रहा है, जो इस सेवा को पूरे देश में उपलब्ध कराने से पहले महीने के अंत तक जारी रहेंगे। इन परीक्षणों के बाद, रेलवे सुरक्षा आयुक्त सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए ट्रेन का उसकी अधिकतम गति पर मूल्यांकन करेंगे। साल 2025 के मई महीने से इन ट्रेनों को शुरू करने की तैयारी जारी है।
मंत्रालय ने कहा, "वंदे भारत ट्रेनों को औपचारिक रूप से प्रमाणित किया जाएगा और अंतिम चरण से गुजरने के बाद ही उन्हें भारतीय रेलवे को सौंप दिया जाएगा।" यह प्रमाणन प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि इन ट्रेनों को पूरे भारत में यात्रियों के लिए चालू करने से पहले सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाए।


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