Vande Bharat Sleeper Train: वंदे भारत की स्लीपर ट्रेनों को 15 जनवरी से मंजूरी मिलेगी। देश भर में वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण तीन राज्यों पंजाब, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में किया जाता है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का नया वीडियो सामने आया है। वंदे भारत ट्रेन सेवा के स्लीपर कोच के लॉन्च कार्यक्रम का आयोजन चेन्नई के विल्लीवाकम में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) में किया गया और पहली बार वंदे भारत ट्रेनों के स्लीपर कोच इन आईसीएफ रेलवे कारखानों में निर्मित किए गए हैं।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की रफ्तार
वंदे भारत ट्रेन 160 किमी/घंटा तक की स्पीड और 180 किमी/घंटा की परीक्षण गति तक पहुंचने में सक्षम है, यह सुरक्षा और आराम सुविधाओं से लैस है। इसमें प्रत्येक बेड के पास अग्निशामक यंत्र और आपातकालीन स्टॉप बटन, कोचों के बीच ऑटोमैटिक दरवाजे हैं। साथ ही यात्रियों और लोको पायलट के बीच संचार को सक्षम करने वाली आपातकालीन टॉक-बैक फैसलिटी भी है। इसके अलावा सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा भी शामिल हैं।
बेहतर यात्री अनुभव और सुरक्षा के लिए बनाई गई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें यात्रियों के अनुभव और सुरक्षा पर ध्यान देने के लिए जानी जाती हैं। हर कोच में सीसीटीवी निगरानी, शौचालय की सुविधा, चार्जिंग केबल और व्यक्तिगत रीडिंग लाइट जैसी सुविधाएं हैं, जो आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करती हैं। इसके अलावा, ट्रेनों को बेहतर सुरक्षा संरचना के साथ डिजाइन किया गया है।
इसमें 24 यात्री यात्रा कर सकते हैं। वहीं, चार द्वितीय श्रेणी के एसी कोच हैं, जिनमें 188 यात्री यात्रा कर सकते हैं और 11 तृतीय श्रेणी एसी कोच हैं, जिनमें 611 यात्री यात्रा कर सकते हैं। आपको बता दें कि विल्लीवाक्कम रेलवे इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में पहले से ही 77 वंदे भारत ट्रेनें निर्मित की गई हैं।
120 करोड़ रुपये में तैयार हुई ट्रेन
इसके अलावा सभी वंदे भारत ट्रेनों की तरह इसमें भी कवच प्रणाली है। वंदे भरत स्लीपर ट्रेन में 16 डिब्बे हैं और इसे 120 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है।


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