Indian Railways: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 जुलाई को भारत का 2024-25 का बजट पेस किया। इसमें उन्होंने हेल्थ सेक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर, छात्राओं आदि के लिए कई सारे ऐलान किए। रेलवे को भी इस बजट से नई सौगात मिली है। वित्त मंत्री ने यह ऐलान किया है कि रेलवे ढाई हजार Non AC Coach बना रहा है और इन कोचेस का यात्री जल्द ही उपयोग भी कर पाएंगे। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया है कि अगले तीन सालों में रेलवे दस हजार और Non AC Coach बनाने वाला है। आइए आपको बताते हैं कि भारतीय रेलवे की शुरुआत कब हुई थी और इस बार बजट में इससे जुड़ी क्या घोषणाएं हुई हैं।

इस साल चली थी देश की पहली ट्रेन
देश में पहली ट्रेन 170 साल पहले यानी 16 अप्रैल, 1853 में शुरू हुई. देश में पहली ट्रेन तत्कालीन बंबई के बोरीबंदर से लेकर ठाणे के बीच चली थी। भारतीय रेल का राष्ट्रीयकरण 1950 में हुआ था. 1952 में छह जोनों के साथ जोनल सिस्टम शुरू हुआ था। 1954 में, रेलवे ने 3 टायर रेलवे कोच में सोने की सुविधा को शुरू किया।
दक्षिण में पहली लाइन 1 जुलाई, 1856 को मद्रास रेलवे कंपनी द्वारा खोली गई थी। ये ट्रेन Vyasarpadi Jeeva Nilayam, वेयासारपैडी और वालाजाह रोड, आरकोट के बीच 63 मील की दूरी पर चली थी। इसके बाद कई ट्रेनों को धीरे-धीरे शुरु किया जाने लगा।
वंदे भारत ट्रेन का विकास
भारतीय रेल को मॉर्डन बनाने के लिए कई ट्रेनों को शुरु किया गया और केंद्र सरकार की ओर से 15 फरवरी को साल 2019 को वाराणसी से नई दिल्ली के बीच देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को शुरू किया गया था। तब से लेकर अब तक इस ट्रेन में बड़ा परिवर्तन आ चुका है। अब जल्द ही स्लीपर वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत होने वाली है। इसके अलावा 5 नई वंदे भारत भी लॉन्च होने वाली हैं। वहीं, बुलेट ट्रेन को भी पटरियों पर उतारने की तैयारी की जा रही है।
इसके अलावा कई ट्रेनों को अलग-अलग राज्यों में शुरु किया गया है। सिर्फ यही नहीं, सस्ते रेलवे टिकट में लोगों को लंबे और आरामदायक सफर की भी सुविधा मिली है।
बजट में रेलवे से जुड़ा किया गया ये ऐलान
वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण ने अपने बजट 2024 में भाषण के दौरान बताया है कि बिहार को राजमार्गों के लिए 26,000 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। इसके साथ ही बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए पूर्वोदय के लिए एक व्यापक योजना विकसित की जाएगी। इसमें पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे, बोधगया-राजगीर-वैशाली-दरबंगा कनेक्शन, बक्सर-बगलपुर एक्सप्रेसवे और बक्सर में गंगा पर एक अतिरिक्त दो-लेन पुल जैसी परियोजनाएं शामिल हैं, जिन पर 26,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
रेलवे के लिए नहीं हुई बहुत बड़ी घोषणाएं
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह भी बताया है कि साल 2014 यानी बीजेपी सरकार आने से पहले रेलवे में सिर्फ 35,000 करोड़ रुपये ही आवंटित होते थे, लेकिन आज रेलवे के लिए 2.62 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए जाते हैं। 2014 से पहले रेलवे को लेकर बड़ी-बड़ी घोषणाएं तो होती थी, लेकिन उनका हकीकत से कोई भी संबंध नही था। बजट 2024 में रेलवे से संबंधित ज्यादा बड़ी घोषणाएं देखने को नहीं मिली है।
More From GoodReturns

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

EPFO Enrollment Campaign 2026: पीएफ से छूटे कर्मचारियों के लिए आखिरी मौका, 31 अक्टूबर तक करें आवेदन

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: आज आपके शहर में क्या है कीमत? जानें पूरा गणित

Gold Price 2 सितंबर को सोने-चांदी के भाव में स्थिरता, क्या आज खरीदारी करना है फायदे का सौदा? जानें ताजा रेट

3 सितंबर को सोने के दाम स्थिर: क्या आज खरीदारी करना सही फैसला है? जानें ताजा रेट

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026: 4 सितंबर को आपके शहर में बैंक बंद या खुले? चेक करें पूरी लिस्ट

गणेश चतुर्थी 2026: 14 सितंबर को बंद रहेगा शेयर बाजार, NSE-BSE की छुट्टी से ट्रेडर्स पर क्या होगा असर?

GST कलेक्शन का धमाका: ₹2 लाख करोड़ के करीब पहुंचा आंकड़ा, इन सेक्टर्स में मचेगी हलचल!

ऑटो सेल्स डेटा: मारुति-टाटा की रफ्तार पर टिकी नजर, आज इन शेयरों में दिखेगी बड़ी हलचल

MSCI रीबैलेंसिंग आज: नए शेयरों की दौड़ में फंसें या SIP का अनुशासन अपनाएं?

IMD अलर्ट: भारी बारिश में गाड़ी-घर का नुकसान? क्लेम पाने का आसान तरीका



Click it and Unblock the Notifications
