नई दिल्ली, अगस्त 30। क्या आप अकसर दिल्ली-वाराणसी-पटना रूट पर सफर करते हैं। यदि हां तो यब खबर आपके काफी काम की है। दरअसल भारतीय रेलवे की इस रूट के लिए एक खास योजना है। यदि ये योजना पूरी होती है तो दिल्ली, वाराणसी और पटना के बीच अक्सर यात्रा करने वालों को काफी सुविधा होगी। इस रूट पर सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस चलाई जाएगी। इसे ट्रेन 18 भी कहा जाता है। रेलवे ने इस ट्रेन को इस रूट पर चलाने का प्रस्ताव रखा है, जिसके पहले चरण में नई दिल्ली-वाराणसी-पटना समेत 17 रूट शामिल किए जाएंगे।
75 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चलाने की योजना
अगले साल तक भारतीय रेलवे ने विभिन्न मार्गों पर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चलाने की योजना तैयार की है। ये ट्रेनें कम से कम 75 रूटों पर चलाई जाएंगी। हालांकि अभी तक केवल 2 वंदे भारत ट्रेनें तैयार हुई हैं, जिनमें एक दिल्ली और वाराणसी और दूसरी दिल्ली और कटरा रूट पर सर्विस देती है। इनके अलावा चंडीगढ़-अंबाला रूट पर भी ट्रायल चल रहा है।
4 घंटे में दिल्ली से पटना
सफल परीक्षण के बाद ट्रेन 18 मुंबई और अहमदाबाद के बीच चल सकती है। अगर यदि दिल्ली-वाराणसी-पटना रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस चलती है तो लोग दिल्ली से पटना मात्र 4 घंटे में पहुंच सकेंगे। रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी के मुताबिक दिल्ली-पटना मार्ग कमर्शियली रूप से सबसे व्यवहार्य रूट है। वैसे तो नई दिल्ली और पटना के बीच ट्रेन यात्रियों की संख्या में काफी तगड़ी बढ़ोतरी हुई है। मगर इस रूट पर केवल दो तेज ट्रेनें हैं। इनमें तेजस राजधानी एक्सप्रेस और संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस शामिल हैं।
इन रूटों पर ट्रेन के हरी झंडी
रिपोर्ट के अनुसार रेलवे ने वंदे भारत कई रूटों के लिए पास कर दी है। इनमें वाराणसी-मुंबई, नई दिल्ली-अमृतसर, नई दिल्ली-मुंबई, नई दिल्ली-लखनऊ, नई दिल्ली-पटना और वाराणसी-पटना रूट शामिल हैं। बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल अपने बजट भाषण में कहा भी था कि भारत अगले तीन वर्षों में 400 वंदे भारत नई एनर्जी एफिशिएंट ट्रेनों का निर्माण करेगा। उन्होंने कहा था कि अगले तीन वर्षों के दौरान बेहतर एफिशिएंसी वाली 400 नेक्स्ट-जेन वंदे भारत ट्रेनें पेश की जाएंगी। साथ ही अगले तीन वर्षों में ही 100 पीएम गति शक्ति कार्गो टर्मिनल तैयार किए जाएंगे और मेट्रो सिस्टम बनाने के लिए इनोवेटिव तरीके लागू किए जाएंगे।
कितनी है वंदे भारत की स्पीड
वंदे भारत 180 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड से चल सकती है। इसकी बाकी विशेषताओं में शानदार सीटें, एक्जीक्यूटिव क्लास में घूमने वाली सीटें, डिफ्यूज एलईडी लाइटिंग, रीडिंग लाइट, बायो-टॉयलेट, स्वचालित दरवाजे, स्लाइडिंग फुटस्टेप्स, सीलबंद गैंगवे, धूल मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने का इंतजाम और मिनी-पेंट्री भी शामिल हैं।
100 किमी की स्पीड मात्र 4 सेकंड में
ये ट्रेन, जो कि पूरी तरह स्वदेशी है, बुलेट ट्रेन से भी ज्यादा स्पीड दे सकती है। रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के दावे के अनुसार वंदे भारत ट्रेन 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार मात्र 54 सेकंड में पकड़ सकती है। 16 कोच वाली इस ट्रेन के 5 कोच में मोटर है। स्वचालित मोटरों के चलते इसकी रफ्तार और ज्यादा होगी। कहा ये भी जा रहा है कि साल 2025 तक ट्रेन का अपग्रेडेड वर्जन आएगा, जो 260 किलोमीटर प्रति घंटा रफ्तार वाला होगा।


Click it and Unblock the Notifications