नई दिल्ली, जनवरी 29। क्रेडिट सुइस ग्रुप एजी और जूलियस बेयर ग्रुप के पूर्व कार्यकारी डॉ वेंकटरमण अनंत नागेश्वरन को भारत सरकार का मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) नियुक्त किया गया है। वह पूर्व सीईए केवी सुब्रमण्यम की जगह लेंगे, जो दिसंबर में अपने तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर शिक्षा क्षेत्र में लौट गए थे। डॉ वेंकटरमण की नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब भारत की अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दिख रहे हैं, लेकिन कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर के प्रभाव के कारण कुछ नई चुनौतियों भी सामने हैं।

क्या हैं मुख्य चुनौतियां
डॉ वेंकटरमण को वित्त मंत्रालय के साथ मिल कर जिन मुख्य चुनौतियों से निपटना है, उनमें आय असमानता और आबादी के बीच बढ़ती बेरोजगारी शामिल है। नये सीईए पर विकास, निवेश और राजकोषीय घाटे को सीमित करने के लिए नए प्लान पेश करने की जिम्मेदार होगी। अपनी नई भूमिका में उन्हें वित्त मंत्री के साथ प्रमुख नीतिगत मामलों पर विचार साझा करने के साथ-साथ आर्थिक सर्वेक्षण के प्रमुख लेखक की भूमिका निभानी होगी, जो कि अर्थव्यवस्था का वार्षिक रिपोर्ट कार्ड होता है जिसे बजट से पहले संसद में पेश किया जाता है।
ये है डॉ वेंकटरमण की प्रोफाइल
डॉ वेंकटरमण अनंत नागेश्वरन एक नामी अर्थशास्त्री हैं, जो मुख्य रूप से शिक्षा जगत से जुड़े रहे हैं। नागेश्वरन ने 1985 में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), अहमदाबाद से मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा (एमबीए) के साथ ग्रेजुएट की उपाधि हासिल की। बाद में उन्होंने एक्सचेंज रेट्स के आनुभविक व्यवहार पर अपने काम के लिए 1994 में मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त की।
कई देशों में दी सेवाएं
डॉ वेंकटरमण ने 1994 और 2011 के बीच स्विट्जरलैंड और सिंगापुर में कई प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट इंस्टिट्यूशंस में मैक्रो-इकोनॉमिक और कैपिटल मार्केट रिसर्च में कई लीडरशिप की भूमिका निभाई। वे क्रेआ विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के विजिटिंग प्रोफेसर हैं। उन्होंने 2019 और 2021 के बीच प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के पार्ट-टाइम सदस्य के रूप में भी काम किया है।


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