
Uttarakhand Govt : मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार ने नई सौर ऊर्जा नीति पर मुहर लगा दी है। धामी सरकार के इस नई सौर ऊर्जा नीति में मुहर के बाद जनता को फायदा तो होगा ही इसके साथ ही सरकार को भी सीधा लाभ मिल पाएगा। राज्य सरकार की इस नई सौर ऊर्जा नीति से दिसंबर 2027 तक उत्तराखंड में दो हजार पांच सौ मेगावाट बिजली का उत्पादन इन प्रोजेक्ट से होने की उम्मीद है।
सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट सिंगल विंडो के जरिए लगेंगे
इस नई नीति से सिंगल विंडो पोर्टल के जरिए सौर ऊर्जा के प्रोजेक्ट लगेंगे। इस नई नीति के जरिए जो भी प्रोजेक्ट लगेंगे यूपीसीएल को अनिवार्य तौर पर उससे बिजली खरीदनी होगी। न्यायालय शुल्क, बाहरी विकास शुल्क, लैंड यूज परिवर्तन शुल्क, पंजीकरण, भूमि उपयोग अनुमोदन, जांच शुल्क और बुनियादी ढांचा विकास शुल्क में छूट मिलेगी। फीड इन टैरिफ के जरिए एक्स्ट्रा बिजली का उत्पादन करने वाले जो उपभोक्ता है। इन उपभोक्ताओं को मुआवजा मिलेगा। अपने इस्तेमाल के लिए और सामूहिक इस्तेमाल के लिए निर्बाध अभिगम और एसजीएसटी व बिजली शुल्क में छूट मिलेगी।
रोजगार की गारंटी स्थानीय युवाओं को
नई सौर ऊर्जा नीति में उत्तराखंड सरकार की तरफ से स्थानीय युवाओं को रोजगार की गारंटी दी है। नई सौर ऊर्जा नीति में कहा गया है कि जो भी सरकारी भूमि को लीज पर लेगा और अपना सोलर प्रोजेक्ट को लगाएगा। उसको 70 फीसदी स्थानीय युवाओं को रोजगार देना होगा। यूपीसीएल पॉलिसी के तहत सौर ऊर्जा का एक ग्रीन टैरिफ प्रस्ताव को तैयार करेगा। यूपीसीएल के द्वारा जो प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इस प्रस्ताव को नियामक आयोग को भेजा जाएगा। जो नियामक आयोग है यह उपभोक्ताओं को ग्रीन टैरिफ का चयन करने का भी ऑप्शन दे सकता है।
सरकारी या फिर निजी भूमि पर भी सौर ऊर्जा की परियोजनाएं लगाई जा सकेंगी
राज्य सरकार की नई सौर ऊर्जा नीति के तहत निजी इस्तेमाल या फिर तीसरे पक्ष के इस्तेमाल के लिए सरकारी भूमि या फिर निजी भूमि पर भी सौर ऊर्जा की परियोजनाएं लगाई जा सकेंगी। यूपीसीएल के स्तर से प्रदेश के बाहर भी जो सौर ऊर्जा परियोजना है। इसको लगाई जा सकेगी। इसी वजह से इस प्रावधान को किया गया है क्योंकि यूपीसीएल को अपनी खरीदी जाने वाले बिजली का एक निश्चित प्रतिशत सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट से खरीदना आवश्यक है।


Click it and Unblock the Notifications